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खेत को ही बना डाला गन्ना अनुसंधान केंद्र

Tue, 05 Jul 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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बिजनौर में प्रदेश में एक हेक्टेयर में गन्ना उत्पादन का रिकार्ड बनाने वाले ब्रह्मपाल सिंह ने बाकी किसानों को भी ट्रेंच विधि के प्रति जागरूक करने के लिए खेत को ही गन्ने का अनुसंधान केंद्र बना दिया है। वह यहां पर अनेक प्रजाति के गन्ने का बीज तैयार कर रहे हैं। कई बेहतर प्रजातियों के बीज अपने खेत से उपलब्ध कराने के साथ ही वे आसपास के किसानों को जरूरी प्रशिक्षण देकर अधिक गन्ना उत्पादन के तौर तरीकों से रूबरू कराएंगे।
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अब किसान सितंबर में शरदकालीन गन्ने की बुआई के लिए किसान ब्रह्मपाल सिंह से बीज ले सकेंगे। उन्हें कई प्रजातियों के बीज यहां से मिलेंगे। कुछ किसानों ने अभी से गन्ने के अपने मनपसंद बीज की बुकिंग शुरू कर दी है। नहटौर के गांव बालापुर निवासी किसान ब्रह्मपाल सिंह ने ट्रेंच विधि से बोए एक हेक्टेयर जमीन में करीब 2200 क्विंटल गन्ना उत्पादन कर पेराई सत्र 2014-15 में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। उन्हें डीसीओ ओपी सिंह ने 50 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया था। 

20 बीघे में कई प्रजातियों के बीज
ब्रह्मपाल सिंह के मुताबिक बाकी किसानों को भी ट्रेंच विधि से कम भूमि में अधिक गन्ना उत्पादन करने को प्रेरित करने की पहल की है। उन्होंने अपने खेत में 20 बीघा जमीन में अगेती प्रजाति के गन्ने  6239, 0238, 0118, 8436, 97222, 8272, 5011, सीओजी 64, 5125 आदि प्रजातियों के बीज तैयार किए हैं। उनका कहना है कि अच्छे बीज और अच्छी तकनीक पाने के लिए किसानों को भटकना पड़ता है। किसानों में सबसे अधिक डिमांड 0238 गन्ने की है। इस बार 30 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन में यह गन्ना बोया गया है। डीसीओ ओपी सिंह ने कहा कि ट्रेंच विधि और उन्नत प्रजातियों से गन्ना उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
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