Bijnor News: मेरठ एसटीएफ ने बिजनौर के धामपुर से खुद को आईबी का फर्जी डिप्टी डायरेक्टर बताने वाले मनोज चौहान को गिरफ्तार कर लिया। उसके सहपाठी और जानकारों को फर्जीवाड़े पर विश्वास नहीं हो रहा है।
नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव त्रिलोकावाला निवासी मनोज चौहान के फर्जी तौर पर इंटेलिजेंस ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर के रूप में पकड़े जाने की खबर पर लोगों को विश्वास नहीं हुआ। करीब 15 वर्षों तक मनोज चौहान की पढ़ाई-लिखाई नगीना में रहकर ही हुई थी।
विज्ञापन
गांव त्रिलोकावाला निवासी मनोज चौहान अपने परिवार के साथ करीब 15 वर्षों तक नगर के मोहल्ला बिश्नोई सराय में स्थित किराये के मकान में रहा था। इंटर तक की शिक्षा नगीना के स्कूलों में करने के बाद उसने बीएससी की पढ़ाई की थी। बाद में वह वापस अपने गांव चला गया था। मनोज के साथ उसके सहपाठी रहे व उससे अच्छी जान पहचान रखने वाले उसके कई मित्रों ने बताया कि वह खुद को आईबी में डिप्टी डायरेक्टर बताता था।
बताया कि 2007 की बात है, जब खुद मनोज ने अपनी नियुक्ति एसएससी के द्वारा आईबी में इंस्पेक्टर के पद पर होने की सूचना लोगों को खुद दी थी जबकि 2018 में उसने डिप्टी डायरेक्टर के पद पर अपने प्रमोशन होने की खुशी जाहिर की थी। कम बोलना, शांत स्वभाव, सटीक बातचीत व अधिकारी वाली गुफ्तगू व पहनावा उसकी झूठी बातों को भी सच्चाई की तरफ इंगित करती रही। यही वजह रही कि लंबे समय तक क्षेत्र के लोगों व अधिकारियों को उसके फर्जी अधिकारी होने पर कभी शक नहीं हुआ।
प्रधानाचार्य को कराया था गिरफ्तार
मनोज चौहान के पिता नरेंद्र सिंह गांव त्रिलोकावाला में स्थित जनता जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक हैं। सूत्रों का कहना है कि स्कूल में पिता की जगह सारा काम मनोज कुमार ही देखता रहा है। छह अक्तूबर 2024 को पिता की तरफ से प्रधानाचार्य नसीम अहमद के खिलाफ निर्माण कार्य में गबन का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में मनोज कुमार को अपने झूठे रुतबे का लाभ तब मिला था, जब 15 अक्तूबर को नगीना देहात पुलिस ने आरोपी प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया था।
फर्जी आईबी अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद ऑडियो वायरल
धामपुर से इंटेलिजेंस ब्यूरो के फर्जी डिप्टी डायरेक्टर मनोज चौहान की गिरफ्तारी के बाद अब उसके काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खुलने लगा है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप तेजी के साथ वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मनोज चौहान अलग-अलग लोगों से फोन पर अपने पद और अपनी पहुंच का रौब झाड़कर उनसे पैसों की मांग कर रहा है। यह ऑडियो कब की है और किसने इसे वायरल किया इसकी जानकारी नहीं लग पाई है।
ये है मामला
एसटीएफ मेरठ की टीम ने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो का डिप्टी डायरेक्टर बनकर पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों पर रौब गालिब कर धमकाने वाले आरोपी मनोज चौहान को शुक्रवार को धामपुर से गिरफ्तार किया था। मनोज चौहान पुत्र नरेंद्र सिंह निवासी त्रिलोकावाला, थाना नगीना को धामपुर में नगीना मार्ग स्थित गुलमोहर रेस्टोरेंट के पास पकड़ा गया। उसके खिलाफ काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं।