केसीसी बनाने के नाम पर शोषण कर रहे बैंक
बिजनौर। किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर पेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए किसानों ने किसान दिवस में अधिकारियों को खूब खरीखोटी सुनाई। गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली और चकबंदी के मामले उठाए गए। डीएम रमाकांत पांडेय ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि गन्ना पेमेंट के लिए चीनी मिलों पर सख्ती की जाएगी।
डीएम ने कहा कि बिलाई चीनी मिल की चीनी की जांच हो रही है। जिले की सभी नौ चीनी मिलों ने पिछले पेराई सीजन का पूरा भुगतान कर दिया है। चालू सीजन का भुगातन समय से कराने के प्रयास जारी हैं। बिजनौर, चांदपुर और बिलाई मिल भुगतान में पिछड़ रही हैं, इन मिलों के साथ सख्ती बरती जाएगी। डीएम ने डीसीओ को निर्देश दिए कि पेमेंट सोसायटी में नहीं रुकना चाहिए। किसान बैंकों की ओर से केसीसी नहीं बनाए को लेकर भी खूब भड़के। दरअसल, शासन की मंशा है कि सभी किसानों के केसीसी बनें, इसलिए अब कृषि कार्य के साथ पशुपालन के लिए केसीसी बनवाने की सुविधा दी गई है। इसके लिए अभियान चलाया गया है। जिसकी आखिरी तारीख 23 फरवरी है।
किसान दिवस में किसानों ने आरोप लगाया है कि बैंक केसीसी नहीं बना रहे हैं। सहकारी बैंकों ने कह दिया है कि पशुपालन के लिए केसीसी नहीं बनेगा। ओबीसी नहटौर पर आरबीआई ने केसीसी बनाने पर बैन लगा दिया है। एसबीआई का कहना है कि किसान का केसीसी तभी बनेगा जबकि किसी दूसरे बैंक से केसीसी बना नहीं हो। किसानों का आरोप अधिकांश आवेदन फार्म अंग्रेजी भाषा में हैं और प्रक्रिया जटिल है। कम पढ़ा लिखा या अशिक्षित किसान फार्म भरवाने के लिए भटकता रहता है। किसान दिवस में मौजूद मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उनके पास ओबीसी हीमपुर द्वारा केसीसी नहीं बनाने की शिकायत आई है। किसान बैंक अधिकारी की सफाई से भी संतुष्ट नहीं हुए। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में उपनिदेशक कृषि ने बैंकों की बैठक बुलाने की बात कही।
विद्युत निगम अधिकारियों पर भड़के किसान
बिजनौर। बिजली विभाग की पिछली शिकायतों के निपटारे के बारे में बताने पर किसान आग बबूला हो गए। आरोप लगाया कि यह झूठ का पुलिंदा है। कागजों में शिकायत निपट रही हैं। किसान मौके पर जाकर जांच कराने की मांग कर चुके हैं। आरोप लगे कि बिलों के ठीक कराने के लिए पैसे मांगे जाते हैं। बिजली अधिकारी किसानों से ठीक से बात तक नहीं करते हैं। किसान अपनी समस्या कहां बताएं। एसई सीपी सिंह के जवाब से किसान संतुष्ट नहीं थे। भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष रामौतार सिंह ने हल्दौर में चकबंदी के बाद डोलबंदी नहीं होने, कोतवाली नजीबाबाद मार्ग की मरम्मत आदि की मांग उठाई। बैठक में उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी, जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र, सीवीओ भूपेंद्र सिंह, एसई सीपी सिंह, डीसीओ यशपाल सिंह, जिला उद्यान अधिकारी नरपाल मलिक आदि रहे।