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गुलदार पकड़वाने को पहुंचे दो विशेषज्ञ

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मंडावर के ग्राम मोहंडिया के जंगल में डीएफओ से जानकारी लेती विशेषज्ञों की टीम। - फोटो : BIJNOR
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गुलदार पकड़वाने को पहुंचे दो विशेषज्ञ
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बिजनौर। पांच लोगों की जान ले चुकी मादा गुलदार को पकड़ने में सहायता करने के लिए दो विशेषज्ञ भी बिजनौर पहुंच गए हैं। दोनों ने गांव मोहंडिया के आसपास निरीक्षण किया। गुलदार के पंजों के स्पष्ट निशान लिए। पीओपी की मदद से इन निशानों को संभालकर रखा जाएगा। गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरों में मटन व चिकन की वेस्टेज भी रखने को कहा है। मादा गुलदार को ट्रैस करने के लिए छह और कैमरे भी लगाए जाएंगे।
गांव मोहंडिया में गुलदार को पकड़ना वन विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। गुलदार को पकड़ने के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं। उनमें बकरी भी बांधी जा रही हैं, लेकिन मादा गुलदार अब तक पिंजरों के आसपास नहीं आई है। मादा गुलदार को पकड़ने में मदद करने के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून से दो विशेषज्ञ सर्वेश राय और डॉ. सेलवा डोर शनिवार को बिजनौर पहुंचे। उन्होंने डीएफओ एम सेम्मारन के साथ गांव में जाकर गुलदार के पदचिह्न देखे। वन विभाग उन पगडंडियों से भी घास व तिनके साफ कराएगा जहां पर गुलदार अक्सर देखी जाती है। विशेषज्ञ टीम अपने साथ मोहंडिया में दस ट्रैप कैमरे भी लेकर गई। इनमें से छह कैमरे लगाए जा रहे हैं।
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टीम ने वन विभाग के अधिकारियों को बताया कि बासी मांस से आने वाली गंध गुलदार को बहुत आकर्षित करती है। उन्होंने गुलदार के पिंजरे के पास बासी मटन, चिकन डालने को कहा। साथ ही पिंजरों की संख्या भी बढ़ाने को कहा है। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के मुताबिक विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार काम किया जा रहा है। पिंजरों के आसपास बासी मटन या चिकन डलवाया जाएगा। एक दो दिन में ही गुलदार के पिंजरे में फंसने की संभावना है।
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