बंद अस्पताल को चालू कराने की कवायद शुरू
धामपुर। अमर उजाला की ओर से धामपुर के गांव चकशहजानी में तैयार 100 बेड के अस्पताल को अविलंब चालू कराने के लिए चलाया जा रहा अभियान रंग दिखाने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शासन के आदेश पर चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की तो तैनाती कर दी है, पर अभी डाक्टरों का अतापता नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ की भी तैनाती कर दी जाएगी।
क्षेत्रवासियों की ओर से धामपुर में हाईवे 74 पर 37 करोड़ की लागत से तैयार सौ बेड के अस्पताल को चालू कराने के लिए काफी समय से मांग की जा रही है। अमर उजाला ने जनता की इस समस्या को अभियान के रूप में प्रमुुखता से उठाया। डीएम रमाकांत पांडे कई बार विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक अस्पताल चालू नहीं हो पाया है। क्षेत्रवासियों को वैश्विक महामारी कोरोना मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को उपचार कराने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
पैरामेडिकल, डाक्टरों को कब मिलेगी तैनाती, पता नहीं: एसीएमओ
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर डॉ पीके गुप्ता का कहना है कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है, लेकिन अभी पैरामेडिकल और डॉक्टरों की तैनाती के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है।
अस्पताल को चालू कराने को तेजी से हो प्रयास: डीएम
जिला अधिकारी रमाकांत पांडे का कहना है कि अस्पताल को चालू कराने के लिए शासन और प्रशासन को व्यापक बंदोबस्त करने पड़ते हैं। अत्याधुनिक मशीनों को मंगाया जाता है। अस्पताल को चालू कराने की दिशा में शासन और प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम हो रहा है।
अभी तो निर्माण कार्य चल रहा है: एसडीएम धामपुर
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि अभी तक निर्माण कार्य, कार्यदायी संस्था की ओर से भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य पूूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था भवन को विभाग को हैंडओवर करेगी, जो अभी नहीं हो सका है। बताया गया कि भवन निर्माण मुरादाबाद आवास विकास विभाग की ओर से हो रहा है।