ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित छात्रों को जोड़ने की कवायद
बिजनौर। शासन ने यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों की पढ़ाई की व्यवस्था बदली है। छात्र-छात्राओं के लिए स्कूलों से ही ऑनलाइन कक्षाएं चलेगी। साथ ही दूरदर्शन पर भी विषयवार कक्षा होंगी। इसका फायदा उन छात्र-छात्राओं को होगा, जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं।
जिले में करीब 65 हजार छात्रों को नई व्यवस्था से जोड़ने की कवायद शुरु हो गई है। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई 20 अप्रैल से शुरू हुई थी। जिले के 387 माध्यमिक स्कूलों में कक्षा छह से 12 के करीब सवा लाख छात्र-छात्राएं हैं। इनमें करीब 60 हजार छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़े थे। बाकी छात्र इसलिए नहीं जुड़ पाए क्योंकि उनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए एंड्रायड फोन नहीं था। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या थी। अब शासन ने 15 जुलाई से शुरू होने वाली ऑनलाइन पढ़ाई में सुधार किया है। शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शिक्षक विद्यालयों से ही ऑनलाइन पढ़ाएंगे। विद्यालय विषयवार कालांश टाइमटेबल तैयार करेगा। शिक्षक उसके अनुसार पढाएंगे। इसी के साथ दूरदर्शन से भी विषयवार पढ़ाई होगी। अब तक स्वयंप्रभा चैनल से पढ़ाई हो रही थी। उसके प्रसारण का अधिकार डिश व जियो के पास है। दूरदर्शन सभी को सुलभ है। शासन ने ऑनलाइन पढ़ाई के मूल्यांकन की व्यवस्था की है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन के निर्देशों के अनुसार योजना बनाई जा रही है।
मॉनिटरिंग के लिए बनेगा जिला कंट्रोल रूम
बिजनौर। शासन ने ऑनलाइन पढ़ाई की मॉनिटरिंग की सख्त व्यवस्था की है। जनपद स्तर पर डीआईओएस के निर्देशन में जिला कंट्रोल रूम बनेगा। मंडल तथा शासन के अधिकारी कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे। विद्यालयों की पढ़ाई की रैंडम चेकिंग होगी। इसके लिए शासन ने सचिव से लेकर डीआईओएस तक की जिम्मेदारी निर्धारित की है। जिले में दस से 12 स्कूलों पर एक नोडल अधिकारी होगा, जो ऑनलाइन पढ़ाई का अनुश्रव करेगा। विद्यालयवार रिपोर्ट एक सप्ताह में डीआईओएस को देगा, जो शासन को भेजी जाएगी।