माध्यमिक शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच शुरू
बिजनौर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच शुरू हो गई है। एडीएम की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति 106 विद्यालयों के शिक्षकों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट इसी माह के आखिर तक शासन को जानी है।
शासन के निर्देश पर फर्जी शिक्षकों का पता लगाने के लिए राजकीय, सहायता प्राप्त तथा संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच हो रही है। इसके लिए जिला स्तर पर कमेटी बनी है। अवधेश मिश्र एडीएम वित्त एवं राजस्व समिति के अध्यक्ष हैं। राजेश कुमार डीआईओएस, सत्यवीर सिंह प्रधानाचार्य जीआईसी अफजलगढ़, तथा ओपी सिंह प्रधानाचार्य आरजेपी बिजनौर सदस्य है। समिति जिले के 32 राजकीय, 73 सहायता प्राप्त तथा एक संस्कृत विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के प्रमाणपत्र की जांच करेगी। राजेश कुमार डीआईओएस ने बताया कि समिति ने काम शुरू कर दिया है। समिति शिक्षकों के मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र अपने कार्यालय में जमा करके जांच पूरी होने तक सुरक्षित रखेगी। शिक्षकों की शैक्षिक सूची संबंधित बोर्ड तथा विश्वविद्यालय को सत्यापन के लिए भेजी जाएगी। प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर एफआईआर होगी। सेवा समाप्ति की कार्रवाई होगी। 14 बिंदु प्रपत्र पर रिपोर्ट शासन को जाएगी।
डाटा पोर्टल पर अपलोड होगा
बिजनौर। शासन के निर्देश के अनुसार शिक्षकों का डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। विभाग के वित्त अधिकारी पैन कार्ड तथा कोषागार से होने वाले भुगतान का विवरण चैक करेंगे। इससे किसी शिक्षक को हो रहे भुगतान की गड़बड़ी पकड़ी जा सकेगी।