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Bijnor News: हर दिन एक मां परखेगी स्कूल के भोजन की गुणवत्ता

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- हर दिन एक अभिभावक माता करेंगी भोजन, दूध की गुणवत्ता की निगरानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रबंध समिति को सक्रिय किया जाएगा। विद्यालय प्रबंध समिति की महिला अभिभावकों में से एक रोजाना स्कूल में पहुंचकर भोजन, फल, दूध की गुणवत्ता, बर्तनों की साफ-सफाई परखेंगी। यही नहीं वे महिलाएं निरीक्षण के बाद विद्यालय में रखी रोस्टर पंजिका में अपनी टिप्पणी भी दर्ज करेंगी।
जनपद में 2119 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जिनमें सवा लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में प्रबंध समिति बनाई जाती है। इस प्रबंध समिति में स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के ही अभिभावकों में से ही 11 सदस्यों का चयन होता है। इनमें छह पढ़ी-लिखी महिलाओं का चयन किया जाता है। प्रबंध समिति की सदस्य महिलाएं मिड-डे-मील आदि सामान की गुणवत्ता देखकर व खाकर उसकी गुणवत्ता देखेंगी।
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प्रबंध समिति की सक्रिय भागीदारी से मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यालयों में समुदाय की सहभागिता भी बढ़ेगी। जिन विद्यालयों में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से भोजन की आपूर्ति होती है, वहां भी मां निगरानी करेंगी। हालांकि इस व्यवस्था के गठन के आदेश पहले भी जारी किए गए थे, लेकिन अब इसे प्रभावी ढंग से दोबारा लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ऐसे होगा समिति का गठन एवं कार्य
-विद्यालय प्रबंध समिति में 11 अभिभावकों में से 50 प्रतिशत महिला सदस्य।
-छह साक्षर एवं इच्छुक महिलाओं का होगा चयन।
-प्रतिदिन एक माता विद्यालय में करेगी निरीक्षण।
-भोजन, फल, दूध, बर्तनों और रसोई की साफ-सफाई की होगी जांच।
-निरीक्षण रिपोर्ट रोस्टर पंजिका में दर्ज की जाएगी।
इस व्यवस्था से यह होगा लाभ
-मिड-डे-मील की गुणवत्ता में सुधार होगा।
-भोजन की स्वच्छता एवं पोषण मानकों की नियमित निगरानी होगी।
-समुदाय और अभिभावकों की विद्यालय से सहभागिता बढ़ेगी।
-भोजन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
-वर्जन-
परिषदीय विद्यालयों की प्रबंध समिति में महिला अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिदिन एक माता विद्यालय में उपस्थित होकर मिड-डे मील की गुणवत्ता परखेगी। यह अच्छी पहल है और सभी विद्यालयों में इसे अनिवार्य रूप से लागू कराया जाएगा। -सचिन कसाना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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