जिले में करीब बीस हजार प्रवासी होने का अनुमान
बिजनौर। जिले की ग्रामपंचायतों में आए प्रवासी तथा गैर राज्यों के फंसे कामगारों के अस्थायी राशनकार्ड बनाने के लिए चिन्हीकरण का काम शुरू हो गया है। इस श्रेणी के करीब बीस हजार कामगार होने का अनुमान है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि चिन्हीकरण आज से शुरू हो गया है। ग्राम पंचायत सचिवों को कामगारों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले की 1128 ग्राम पंचायतों से कामगारों की सूची 23 मई को शाम तक मिल जाएगी। अगले दिन डीएम की अध्यक्षता वाली समिति सूची का स्क्रीनिंग करके अनुमोदन देगी। समिति में डीएम अध्यक्ष, सीडीओ, एडीएम, डीपीआरओ, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सदस्य हैं। अनुमोदित सूची के डीएसओ पोर्टल पर फीडिंग के बाद कामगारों के राशनकार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। योजना का लाभ उन कामगारों को नहीं मिलेगा। इनके पास पहले से ही राशनकार्ड हैं। अस्थायी राशनकार्ड पर मई तथा जून माह में राशन मिलेगा। बताया कि प्रति राशन कार्ड एक किलोग्राम चना मिलेगा तथा प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन मिलेगा।
प्रवासी मजदूरों को मिलेगा नि:शुल्क राशन
बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अंतर्गत घोषित आर्थिक पैकेज के अंतर्गत प्रवासी/अवरुद्ध मजदूरों को मई, जून के लिए प्रति यूनिट पांच किलो अनाज, एक किलो चना प्रति राशन कार्ड नि:शुल्क बांटा जाएगा। इसके लिए अस्थायी राशन कार्ड बनाया जाएगा। प्रवासी मजदूरों के लिए डीएम रमाकांत पांडेय ने समिति गठित की है। इसमें डीएम अध्यक्ष, सीडीओ, एडीएम प्रशासन, डीपीआरओ, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी को शामिल किया गया है। समिति द्वारा गांवों व शहरों में बाहर से आए मजदूरों का सर्वे कराया जाएगा। प्रवासी मजदूर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आच्छादित नहीं होने चाहिए। डीएम रमाकांत पांडेय के अनुसार डीएसओ द्वारा अनुमोदित संख्या के आधार पर ही ब्लॉक, नगर में राशन का आवंटन किया जाएगा।