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नए पैटर्न में अंग्रेजी विषय हुआ स्कोरिंग

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नए पैटर्न में अंग्रेजी विषय हुआ स्कोरिंग
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बिजनौर। डीआईओएस ने विद्यालयों से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर बने सैंपल पेपर से परीक्षा पैटर्न की जानकारी देने को कहा है। इसके बाद विभागीय टीम भेजकर छात्रों से फीडबैक लेने का काम शुरू होगा। नए पैटर्न से यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में अंग्रेजी का पेपर गणित की तरह स्कोरिंग वाला है। अंग्रेजी में विशेष योग्यता अंक प्राप्त करना आसान है।
डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि हाईस्कूल तथा इंटर का परीक्षा पैटर्न बदला है। बोर्ड ने पैटर्न की जानकारी देने के लिए विषयवार बोर्ड की वेबसाइट पर सैंपल पेपर जारी किए हैं। डीआईओएस ने विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वेबसाइट से सैंपल पेपर डाउनलोड करके टॉपिक और अंक विभाजन को देखें। फिर विषय अध्यापक सैंपल पेपर से पैटर्न की जानकारी छात्रों को दें। छात्रों को अधिक अंक लाने के लिए विषय की तैयारी करने की जानकारी दें। बताया कि विभाग विद्यालयों में टीम भेजकर छात्रों से इस बात की फीडबैक लेगा कि उन्हें सैंपल पेपर की जानकारी देने से कितना फायदा हुआ है। आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर के अंग्रेजी प्रवक्ता आसिफ गयूर ने बताया कि नए पैटर्न से इंटर में अंग्रेजी का पेपर गणित की तरह स्कोरिंग है। अंग्रेजी में विशेष योग्यता अंक प्राप्त करना आसान है। कहा कि सवालों के जवाब टु द प्वाइंट में निर्देशित शब्दों की सीमा में दें। ग्रामर में पूरे अंक मिलते हैं। अंग्रेजी पेपर का पैटर्न एनसीईआरटी बेस्ड है। फिगर्स आफ स्पीच, डायरेक्ट इनडायरेक्ट, सिंथेसिस, सिंटेक्स, पर्यायवाची, विपरीतार्थक शब्द, समान ध्वनि वाले शब्द, वन वरड सब्सटीट्यूशन, मुहावरे तथा शॉर्ट स्टोरीज प्रश्न करीब 40 अंक के हैं। एनसीईआरटी किताबों के अंत में दिए अभ्यास प्रश्न का अभ्यास जरूरी है। आसिफ गयूर के अनुसार एप्लिकेशनस के 16 अंक, पोइम की सैंटल आइडिया के छह अंक, निबंध के 12 अंक पैराग्राफ हिंदी से अंग्रेजी के 10 अंक आवंटित हैं। अनसीन पैसेज जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात रुल्स तथा ऐतिहासिक व्यक्ति के जीवन पर होता है। छात्र जवाब टु द प्वाइंट दें। जवाब उतने ही शब्द में लिखें जितने में मांगा गया है।
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बोर्ड द्वारा जारी पेपर को हल कराया जाना जरूरी
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि छात्रों को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से बने पेपर के प्रारूप की जानकारी देने के लिए बोर्ड द्वारा जारी पेपर को हल कराया जाना जरूरी है। इस बारे में प्रधानाचार्य से कह दिया गया है। विभाग के नोडल अधिकारी भी इस काम में लगे हैं। डीआईओएस ने छात्र तथा उनके अभिभावकों से कहा है कि वे विद्यालय जाएं। विषय अध्यापक से मिलें। सैंपल पेपर नहीं कराए गए हों तो प्रधानाचार्य को बताएं। आवश्यकता पड़ने पर डीआईओएस या डीआईओएस प्रतिनिधि से संपर्क करें।
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