कालागढ़ के रामगंगा बांध से प्रवाहित नदी क्षेत्र में खेती होने से नदी की धरा बनी संकरी ।
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अतिक्रमण ने संकरी कर दी रामगंगा की धारा
कालागढ़। कालागढ़ के रामगंगा बांध से होकर आ रही रामगंगा नदी के प्रवाह क्षेत्र में खेती होने के कारण नदी एक संकरी धारा बन रही है। नदी के प्रवाह क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश मुख्य अभियंता ने अधिशासी अभियंता को दिए हैं।
कालागढ़ स्थित रामगंगा बांध से बिजली उत्पादन के जरिए रामगंगा नदी में सिंचाई के लिए पानी की निकासी की जा रही है। फीका दोआब, धामपुर, मुरादाबाद, कानपुर आदि से सिंचाई की मांग पर नदी में पानी का प्रवाह पांच से दस हजार क्यूसेक तक सामान्य दिनों में होता है। बरसात में नदी में पानी की निकासी अधिक हो जाती है। हरेवली बैराज से लगभग ढाई लाख व उससे अधिक क्यूसेक पानी की निकासी का प्राविधान है। नदी के किनारों पर बढ़ते अतिक्रमण के चलते नदी का प्रवाह क्षेत्र संकरा होता जा रहा है। जिसकी वजह से नदी भूतपुरी व हरेवली के पुल के नीचे भी एक संकरी धारा के रूप में ही नजर आ रही है। नदी के प्रवाह क्षेत्र में खेती हो रही है। थोड़ा सा भी अधिक पानी नदी में आ जाने से फसलों को नुकसान होता है।
रामगंगा के प्रवाह क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी
मुरादाबाद के पूर्वी गंगा के मुख्य अभियंता राजपाल सिंह ने बताया कि नदी में अनेक स्थानों पर अतिक्रमण है। इसे दूर करने के लिए संबंधित अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही इस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
नदी में पानी की निकासी जारी
रामगंगा बांध के ईई नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि रामगंगा बांध से बिजली उत्पादन व सिंचाई के लिए 1600 पानी की निकासी की जा रही है। पानी से 31 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।