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रामसहायवाला और हिम्मतपुर गांव खाली कराए

Tue, 31 Jul 2018 12:34 AM IST
बिजनाैर/अमर उजाला/ब्यूराे
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कालागढ़ के भिक्कावाला तिराहे पर बारिश का बहता पानी। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर/जलीलपुर में प्रशासन ने गंगा के प्रकोप को देखते हुए रामसहाय वाला और हिम्मतपुर गांवों को खाली करा लिया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। साथ ही बाढ़ चौकियों को अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अवधेश कुमार मिश्र ने बाढ़ प्रभावित  रामसहाय वाला व हिम्मतपुर गांवों का दौरा किया है। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार सिंह के अनुसार रामसहाय वाला गांव की आबादी 530 है। इनमें करीब 400 लोग लक्सर रोड चले गए हैं।   बाकी अपनी रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। हिम्मतपुर गांव की आबादी 630 हैं। ये लोग पहले ही वहां     से जा चुके हैं। राजस्व विभाग स्थिति पर नजर रख रही है। दोनों जगह स्थिति सामान्य है। गंगा ने दिशा बदल ली है। अधिकारियों ने बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट   रहने के निर्देश दिए हैं।
जलीलपुर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से बारिश न पड़ने के बावजूद गंगा खादर क्षेत्र के गांवों में बसे ग्रामीणों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। रविवार रात में गंगा का जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ जो लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह से ही नारनौर से दत्तियाना तक सड़क पर एक से तीन फीट तक गंगा नदी का पानी बह रहा है। सड़क पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों से करीब एक दर्जन स्कूल वाहन बच्चों को लेकर आते जाते हैं। दोपहर मे बच्चों को घर छोड़ने जाते समय एक स्कूल बस का पहिया गहरे गड्ढे मे गिर गया। उसे बमुश्किल निकाला गया। गांव सलेमपुर खादर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, नारनौर, दत्तियाना, सुजातपुर खादर आदि के जंगल मे पिछले कई दिनों से हजारों बीघा कृषि भूमि में खड़ी फसलें जलमग्न हैं। 
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घरों में घुसा पानी, सड़क पर रह रहे लोग
अफजलगढ़ में  भारी बारिश के चलते तबाह हुए कई परिवारों को शासन प्रशासन की अनदेखी के कारण सड़क पर पॉलिथीन डालकर रात गुजारने को विवश होना पड़ा। लोगों का कहना है कि उनकी किसी ने सुध नहीं ली है। गौरतलब है कि अफजलगढ़ क्षेत्र दो दिन पहले हुई भारी वर्षा से नगर, आसपास के गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। कई मोहल्ले और कई मार्केट जलमग्न होने से लोगों में हा हाकार मचना शुरू हो गया था। व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के समीप तीन दर्जन के करीब गरीब परिवार अपनी झोपड़ियां डालकर रह रहे थे। झोपड़ी में बारिश का पानी घुसने से वह बर्बाद हो गए। लोगों ने बताया कि चेयरपर्सन पति के द्वारा उन्हें खाना तो उपलब्ध करा दिया। मगर सिर ढककर ठहरने को किसी ने आश्रय नहीं दिया। लियाकत, नदीम, अकबर, गुड्डू, मुस्तकीम ने सरकार से पक्का मकान बनवाने की मांग की है। 

पानी की तेज बहाव से मार्ग ध्वस्त
हरेवली में कुराली भगौता मार्ग तेज पानी के बहाव से टूट गया है। इससे आधा दर्जन गांव का मार्ग बाधित हो गया है। गांव तक स्कूली बच्चों के वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। वाहन न आने से बच्चें घरों में रहने को मजबूर हैं। मार्ग पर शाहनगर कुराली, रामनगर गोसाईं, सहारावाला, मधुपुरी, कुंआ खेड़ा, वीरभानवाला आदि गांव पड़ते हैं। गांव के रतन सिंह, चंद्र प्रकाश, आनंद सिंह, ज्ञानेंद्र शर्मा, कृपाल सिंह, शीशपाल सिंह, रमेश कुमार, तहजीब का आदि ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग हर साल टूट जाता है। जिससे आवागमन में परेशानी रहती है। बच्चों की दो माह तक पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। ग्रामीणों ने मार्ग को जल्द ठीक कराने की मांग की है।

आलमपुर गांवड़ी में मकान की दीवार गिरी
अफजलगढ़ में गांव आलमपुर गांवड़ी में विधवा महिला के कच्चे मकान की दीवार गिर गई। विधवा को शासन प्रशासन से मदद की दरकार है। दीवार गिरने से परेशान महिला खुले आसमान के नीचे पॉलिथीन डालकर दो बेटियों, एक बेटे के साथ रात गुजारने को मजबूर है। दयावती देवी पत्नी मान सिंह ने बताया कि वह बेहद गरीब है। लगातार बारिश के चलते रविवार की रात उसके मकान की एक दीवार गिर गई। घर में रखा खाने पीने का सामान भी नहीं बचा। आटा चावल भी बारिश के पानी से भीग गया। घर में खाने के लिए राशन तक नहीं बचा है। गांववासियों की मदद से महिला दिन गुजार रही है। उसके पति की दस साल पहले मौत हो चुकी है।

बारिश में राजकीय इंटर कॉलेज का भवन ढहा
अफजलगढ़। वर्षा के चलते नगर के राजकीय आदर्श इंटर कालेज के कार्यालय भवन भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही कि स्कूल की छुट्टी थी। 
राजकीय आदर्श इंटर कालेज अफजलगढ़ के भवन को वर्ष 2006 में निष्प्रयोजित घोषित किया जा चुका है,  बावजूद इसके भवन में कालेज का संचालन कराया जा रहा है। इस कालेज में वर्तमान में करीब 550 बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं। कालेज का भवन पूरी तरह से जर्जर है। छत का प्लास्टर आए दिन गिरता रहता है। छात्रों और उनके अभिभावकों ने कई बार नया भवन बनाने की मांग उठाई, उस पर अधिकारियों ने आज तक ध्यान नहीं दिया। लगता है कि शायद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को किसी बड़ी हादसे का इंतजार है। रविवार तेज वर्षा के कारण स्कूल के कार्यालय भवन का एक कमरा भरभरा ढह गया। रविवार के दिन छुट्टी होने से बच्चे स्कूल में नहीं आए थे, वर्ना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। प्रधानाचार्य सत्यवीर सिंह का कहना है कि नए भवन निर्माण के प्रस्ताव कई महीने पहले भेजा जा चुका है। पर सुनवाई न होने से वह टिप्पणी नहीं कर सकते। डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि प्रस्ताव एमएसडीपी योजना में पास होने के बाद स्कूल भवन का निर्माण होगा। जब तक संबंधित योजना में प्रस्ताव पास नहीं होगा। 

सैंडिल बांध मार्ग पर पहाड़ों से गिरा मलबा
कालागढ़ में क्षेत्र में बारिश का कहर जारी है। तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद भी सैंडिल बांध मार्ग पर पहाड़ों से मलबे का टूटकर गिरना जारी है। जिससे कालागढ़ सैंडिल बांध मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध है। सहायक अभिंयता एमके लखवाड़ के अनुसार मलबा हटाने का काम चल रहा है। बारिश का पानी भिक्कावाला तिराहे पर चला। प्राइमरी स्कूल के प्रांगण में पानी भरा हुआ है। सोमवार की सुबह हिदायतपुर के संपर्क मार्ग पर पानी का तेज प्रवाह रहा। बारिश से बांध का जलस्तर 328.340 मीटर पहुंचा गया। रामगंगा बांध का जलस्तर सोमवार को दोपहर 328.340 मीटर तक जा पहुंचा है।
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