महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने पर जोर
बिजनौर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के अंतर्गत आयोजित वेबिनार में महिलाओं ने आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने पर जोर दिया ।
वेबिनार में एसबीडी महिला महाविद्यालय की प्राचार्य पूनम चौहान ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए उन्हें आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। वह अपने विद्यालय में ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलवा रही हैं। साथ ही लड़कियों को ताइक्वांडो और आत्मरक्षा के गुर भी सिखा रही हैं। विद्यालय में स्लोगन निबंध तथा पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
वेबिनार से जुड़ी थाना कोतवाली देहात में तैनात पुलिसकर्मी दीक्षा राजपूत ने कहा कि वह मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं को जागरूक कर रही हैं । महिलाओं को 1076 ,1090,112 जैसे नंबरों पर कॉल करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। पुलिस लगातार विद्यालयों, कोचिंग सेंटर तथा ऐसे स्थानों पर गश्त लगा रही है, जहां महिलाओं और लड़कियों का आना-जाना अधिक है।
पारुल मित्तल एडवोकेट ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए समाज को आगे आने की आवश्यकता है। समाज कई बार लड़कियों का साथ नहीं देता, इससे महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में बढ़ोतरी होती है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मातृशक्ति पर्यावरण की मेरठ प्रांत की सह प्रमुख संध्या गुप्ता का कहना है कि मिशन शक्ति प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इससे महिला अपराधों में कमी आएगी तथा महिलाएं भी जागरूक होकर अपने विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति आवाज बुलंद करेंगी।
चिकित्सक निकिता गुप्ता का कहना है कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को ध्यान से सुनना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन से संपर्क करना चाहिए।
ग्रहणी अन्वीका गुप्ता कहना है कि गांव में रहने वाली महिलाएं कम सुरक्षित हैं। महिलाओं को खेतों पर जाना पड़ता है। हाथरस में घटी दुर्घटना भी ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान न देने का नतीजा है। महिलाओं को सुरक्षित और सशक्त बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।