फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदी को रोजगार की भाषा बनाने पर जोर

विज्ञापन
बिजनौर में अमर उजाला वेबिनार में भाग लेते शिक्षक। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
हिंदी को रोजगार की भाषा बनाने पर जोर
विज्ञापन

बिजनौर। अमर उजाला वेबिनार में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित एवं खंड शिक्षा अधिकारी किरतपुर के पद पर कार्यरत शिवकुमार ने कहा कि हिंदी बाजार की भाषा तो बन चुकी है, लेकिन हिंदी को रोजगार की भाषा बनाने की आवश्यकता है। हिंदी में पढ़ाई करने के बाद रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
वेबिनार में शिक्षक अमित पाठक ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी का आधार बढ़ाना चाहिए। मेडिकल की शिक्षा तथा उच्चतम न्यायालय में होने वाले निर्णय भी हिंदी में दिए जाने चाहिए। देश की आजादी के इतने वर्षों बाद भी अदालती कार्यवाही उर्दू या अंग्रेजी में ही सीमित है। इन्हें शुद्ध हिंदी में लिखने की व्यवस्था होनी चाहिए।
विज्ञापन

पूर्व माध्यमिक विद्यालय हकीकतपुर प्रयाग के शिक्षक गुलशन गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों का दायित्व है कि वे छात्र-छात्राओं को हिंदी के प्रति जागरूक करें। हिंदी में जन-जन को जोड़ने की अनोखी कला है। उन्होंने अमर उजाला की अभियान हिंदी हैं हम की सफलता की कामना की और कहा कि इस अभियान से लाखों लोग हिंदी से जुड़े हैं तथा ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। शिक्षक अरविंद अहलावत ने कहा कि हिंदी के संबंध में एक कहावत है जिसमें गैर हिंदी भाषी लोगों से हिंदी से जुड़ने का आह्वान किया गया है। अहिंदी भाषियों मिलेगा मनमाना सुख, हिंदी के हिंडोले में जरा तो झूल जाइए। हिंदी को केवल इतना ना पढ़ाया जाए, जिससे वह परीक्षा पास करने का साधन बने बल्कि इतना पढ़ाया जाए कि पूरी दुनिया में हिंदी का डंका बजे।
विज्ञापन

प्राथमिक विद्यालय इलाइचीपुर खड़कू में सहायक अध्यापिका मंजरी मौर्य ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी और गुरु के महत्व की कविता पढ़ी। मंजरी मौर्य ने कहा, गुरु की महिमा अपार है, जो हमें ज्ञान सिखाते हैं, ज्ञानी और विद्वान बनाते हैं, न गर्मी की फिक्र करते हैं, न सर्दी की परवाह, बच्चों को हर दम पढ़ाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें