बिजनौर। किसान सेवा सहकारी समिति बाकरपुर बहादुरपुर में लाखों के गबन का मामला सामने आया है। यह आंकड़ा बीस लाख के आसपास पहुंच सकता है। फिलहाल समिति के लिपिक पर कार्रवाई की तलवार लटक चुकी है। सहायक निबंधक सहकारिता ने समिति की प्रबंध कमेटी को लिपिक का निलंबन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
समिति में चल रही गड़बड़ी के खिलाफ सभापति कमल लता ने मामले की शिकायत की थी। आरोप था कि तमाम किसानों को कर्ज की अदायगी के लिए जमा की गई रकम की फर्जी रसीद दी गई हैं। किसानों ने जो रकम जमा की थी, उसे कर्मचारियों ने अपनी जेब में रख लिया और समिति के खाते में जमा नहीं किया। जिस कारण किसान अभी भी कर्जदार बने हुए हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच पांच सदस्यीय टीम कर रही है। प्राथमिक जांच में ही करीब दस लाख रुपये के गबन का मामला पकड़ा जा चुका है, जबकि सभापति ने दावा किया कि करीब बीस लाख रुपये की गड़बड़ी की गई है। किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी से पूरे क्षेत्र के किसानों में अफरातफरी मची हुई है। जांच के बैठते ही एमडी भी समिति में नहीं पहुंच रहे हैं।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
किसानों से कर्ज जमा करने के लिए रकम ले ली गई, बदले में उन्हें फर्जी रसीद थमा दी। किसानों से पैसा लेकर समिति के खाते में जमा नहीं किया गया। अगर पैसा जमा नहीं हुआ तो किसान अदायगी के बाद भी कर्जदार बने रह जाएंगे।
दस लाख की गड़बड़ी की बात सामने आई है। लिपिक ने कुछ पैसा जमा भी कर दिया है। हालांकि फिर भी गलत हुआ है। इसके लिए प्रबंध समिति को आदेश दिए गए हैं कि बोर्ड की बैठक कर अकाउंटेंट को निलंबित करने का प्रस्ताव पास करे।
- राजवीर सिंह, एआर कॉआपरेटिव
फरवरी में शिकायत की थी, उसके बाद कुछ पैसा जमा किया गया है। अभी तमाम किसानों का पैसा बैंक में जमा नहीं हुआ है। जिससे किसान कर्जदार बने हुए हैं और समिति को भी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। बीस लाख से ज्यादा का गबन है। -कमललता, सभापति, बाकरपुर किसान सहकारी समिति