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सात साल से गौंसपुर की ओर कर रही कटान पर नहीं बना तटबंध

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सात साल से गौंसपुर की ओर कटान पर नहीं बना तटबंध
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बिजनौर। बरसात शुरू होते ही नांगल क्षेत्र के गांव गौंसपुर में गंगा ने कटान करना शुरू कर दिया है। गंगा गांव से मात्र 150 मीटर की दूरी पर है। अगर गंगा के कटान को रोकने के उपाय नहीं हुए तो गंगा का पानी गांव में घुस जाएगा। पिछले सात सालों से गंगा पर तटबंध बनाने की मांग हो रही है।
नांगल क्षेत्र के गांव गौंसपुर में साल 2013 से गांव की ओर गंगा तेजी से कटान कर रही है। गंगा पर तटबंध बनाने के लिए किसान यूनियन भी धरना दे चुकी है। केंद्रीय मंत्री डा.संजीव बालियान से भी क्षेत्र के लोग हिंदू जागरण मंच के मंत्री गौरव चिकारा की अगुवाई में मिल चुके हैं। नगीना के सांसद यशवंत सिंह ने भी तटबंध बनवाने का भरोसा दिलाया था। बिजनौर के पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने अपने लोकसभा क्षेत्र के साथ गौंसपुर में भी गंगा का कटान रोकने को तटबंध बनवाने का बीड़ा उठाया था। इसके बाद भी आज तक गंगा पर तटबंध नहीं बन पाया था। बरसात शुरू होने पर गंगा ने अब तेजी से कटान शुरू कर दिया है। इसे लेकर गांव वालों की सांसें फूली हुई हैं। उन्हें डर सता रहा है कि गंगा का पानी कहीं गांव में न घुस जाए।
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सबलगढ़ की तर्ज पर बने तटबंध
गौरव चिकारा के मुताबिक गांव से केवल 150 मीटर की दूूरी पर गंगा बह रही है। अभी मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश नहीं हो रही है। तेज बारिश होने पर गंगा और ज्यादा कटान करेगी और पानी गांव में घुस जाएगा। उत्तराखंड में सबलगढ़ के पास उत्तराखंड की ओर पक्का तटबंध बनवाया गया है। तटबंध से टकराकर गंगा का पानी गौंसपुर सहित अन्य गांवों की ओर कटान कर रहा है। इसलिए गौंसपुर के पास भी पक्का तटबंध बनाने की जरूरत है। अगर यह तटबंध बन जाता है तो सबलगढ़ के सामने तटबंध से टकराकर पानी गौंसपुर से गांव की ओर कटान नहीं करेगा।
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विधायक, सांसद ने नहीं उठाया मामला
भाजपा के पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह का कहना है कि वह गौंसपुर से बालावाली के अलावा बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से गंगा के तटीय गांवों में तटबंध बनाने को लेकर सिंचाई विभाग के मंत्री महेंद्र सिंह से मिले थे। तटबंध का पूरा प्रोजेक्ट तैयार है। शीतकालीन सत्र में विधानसभा में यह प्रश्न उठना चाहिए था पर किसी ने नहीं उठाया। नवंबर में पक्का तटबंध बनाने का काम शुरू हो जाना चाहिए था। पर सांसद और विधायक ने इस पर ध्यान नहीं दिया और न ही मामला उठाया। सांसद ने तटबंध के लिए पैसा लाने के प्रयास नहीं किए। इस वजह से यह मामला अटका हुआ है। अब बरसात शुरू हो गई है। ऐसे में पक्का तटबंध बनना मुमकिन नहीं है। केवल बल्लियां लगाकर गंगा के कटान को रोका जा सकता है।
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