पीएनबी के खुलने के इंतजार में बाहर खडे़े उपभोक्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर जिले में भी नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद शहरों में बैंकों से पेमेंट की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। शहरी इलाकों में कतार भी कम हो गई है। जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थितियों में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीण इलाकों में ग्राहक अब भी कैश के लिए तरस रहे हैं। बैंकों में अभी भी भीड़ उमड़ रही है। ग्राहकों में आपाधापी मची हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर की रात 12 बजे से 500 व एक हजार के नोट बंद करने की घोषणा कर देशवासियों को सकते में डाल दिया था। जिले में कैश जमा करने और लेने के लिए मारामारी मच गई थी। दस नवंबर से जिले के बैंकों में रोज कतार लगने लगी। शादी वाले परिवार, मरीजों के परिजन कैश लेने के लिए बैंकों में मारे -मारे फिर रहे थे। बैंकों को नई करेंसी नहीं मिलने के कारण हालात पूरे नवंबर माह नहीं सुधरे। एक सप्ताह में ग्राहकों को 24 हजार तक के पेमेंट की मंजूरी के बाद भी उनको दो से चार हजार रुपये तक ही दिए जा रहे थे। सुबह छह बजे ही उपभोक्ता कैश निकालने के लिए बैंकों के बाहर लाइन में लग जाते थे। बैंकों में करेंसी न मिलने पर जिलेभर के बैंकों के बाहर ग्राहकों ने विरोध स्वरूप कभी प्रदर्शन किया तो कभी जाम लगाया। अब 50 दिन बाद जिला मुख्यालय पर बैंकों में भीड़ कम हो गई है। मुख्यालय पर उपभोक्ताओं को पूरा कैश भी दिया जा रहा है। हालांकि देहात में उपभोक्ताओं को कैश के लिए अभी भी मशक्कत करनी पड़ रही है।