अफजलगढ़ के गांव कल्लूवाला के जंगल में घूमता हाथी। स्रोत वीडियो ग्रैब
अफजलगढ़/रेहड़। गांव कल्लूवाला में हाथी के आबादी के नजदीक आ जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम ने हाथी को खदेड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के झुंड फसलें उजाड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से वन्य जीवों को आबादी में आने से रोकने की मांग की है।
शुक्रवार को वन क्षेत्र से निकलकर इक्कड़ हाथी कल्लूवाला-घासीवाला मार्ग पर गांव की आबादी के नजदीक आ गया। हाथी को देख ग्रामीण भयक्रांत हो गए। काफी देर तक हाथी सड़क पर घूमता रहा। इस दौरान यातायात बाधित रहा। हाथी को देख राहगीर दोनों ओर पहले ही रुक गए। काफी देर बाद हाथी खेतों की ओर चला गया। हाथी ने खेतों में पहुंचकर धान एवं गन्ने की कई बीघा फसल रौंद दी। ग्राम प्रधान अमरीक सिंह ने वन विभाग को मामले से अवगत कराया। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने हाथी को वन क्षेत्र की ओर खदेड़ा। पीड़ित किसान जयपाल, खुशाल, हरदीप, अर्जुन, पदम, मंदीप, गुरमीत, अजायब सिंह, हरमीत, परमजीत, उमेश व मित्रमणि जोशी आदि ने बताया कि पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड रात में खेतों में आकर फसलों को उजाड़ रहा है। वन्य जीवों पर रोकथाम को लेकर वन विभाग पूरी तरह उदासीन है। ग्रामीणों ने वन्य जीवों पर रोक लगाने की मांग की है। रेंजर अंकिता किशोर ने बताया कि सूचना पर टीम को मौके पर भेजा गया था। हाथी को मौके से खदेड़ दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी। पीड़ित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
डीएफओ को सूचना देने पर आए वनकर्मी
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष सरदार मलकीत सिंह का कहना है कि उन्होंने हाथी के संबंध में अमानगढ़ रेंजर को सूचना देनी चाही, लेकिन उनका नंबर नहीं लगा। उनका कहना है कि पहले भी उन्होंने अनेक बार रेंजर का नंबर लगाने का प्रयास किया लेकिन नहीं लगा। उन्होंने इसकी शिकायत वन मंत्री से करने की बात कही है। इसके बाद उन्होंने डीएफओ बिजनौर को सूचना दी थी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची।