कालागढ़ में रामगंगा नदी में टरबाईन से बिजली बनाने का परीक्षण करते ओएनजीसी के इंजीनियर।
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कालागढ़। नदी के जल की गति ऊर्जा से बिना पावर हाउस के ही बिजली बनाने का परीक्षण कालागढ़ में रामगंगा नदी में ओएनजीसी के इंजीनियर्स ने किया। बांध परियोजना पर किए गए इस परीक्षण से बांध के अभियंताओं में उत्साह की लहर है।
देश में बिजली उत्पादन सामान्य रूप से विद्युत गृहों के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान में नदी के बहते जल से गति ऊर्जा के प्रयोग से बिजली उत्पादन करने की कवायद ओएनजीसी के अधिकारी व इंजीनियर कर रहे हैं। ओएनजीसी की एक टीम ने कालागढ़ पहुंचकर टर्बाइन को रामगंगा नदी में तैरा दिया। पानी को टर्बाइन से होकर गुजारा गया। कुछ ही देर में टर्बाइन से बिजली बनने के संकेत नजर आने लगे।
रामगंगा बांध के ईई नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि ओएनजीसी एनर्जी सेंटर दिल्ली के महानिदेशक दिलीप आर काम्बले ने बांध प्रशासन से संपर्क कर इस परीक्षण की अनुमति मांगी। दोनों ही विभागों की सहमति बनने पर ओईसी के कायनेटिक हाईड्रोपावर परियोजना के उप महाप्रबंधक दीपक कुमार, सलाहकार व पूर्व महाप्रबंधक राजेश अग्रवाल, जूनियर प्रोजेक्ट ऐसोसिएट व अन्य इंजीनियरों के साथ रामगंगा नदी के तट पर पहुंचे।
बिना प्रदूषण के बनाई जा सकती है बिजली
ईई नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि पावर हाउस में पानी टर्बाइन पर बहुत तेज वेग के साथ गिराया जाता है, जिससे वह काम करना शुरू करती है। इसके लिए बाकायदा पावर हाउस बनाना पड़ता है। ओएनजीसी की टर्बाइन को सीधे पानी पर ही तैरा दिया जाएगा। हालांकि अभी इससे कम ही बिजली बन सकेगी। बाद में इंजीनियर इससे अधिक फायदे ले सकेंगे। इस प्रक्रिया में कोई प्रदूषण यहां तक कि ध्वनि प्रदूषण भी नहीं होगा और पानी भी खराब नहीं होगा।