‘हर अनुभव की किताब हैं बुजुर्ग’
बिजनौर। अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर वरिष्ठ नागरिक समिति की ओर से राजमिलन बैंक्वेट हॉल में वार्षिक सम्मेलन आयोजित हुआ। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कई वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. सुधाकर सिंह ने कहा कि हमें गुजरे और आने वाले समय की चिंता छोड़कर वर्तमान को सुखमय बनाना चाहिए। विद्यार्थियों, युवाओं और बुजुर्गों को तनाव से दूर रहना चाहिए। जीवन में आने वाली कठिनाइयों का दृढ़ता से सामना करना चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से जीवन के दो सोपानों से दीक्षा लेते हुए तीसरे सोपाल को ठीक से जीने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने बुजुर्गों से कठिनाई के समय में खुद को संभालने की कला सीखनी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि हर बुजुर्ग खुद में एक किताब होता है। उसमें जीवन के सुख, दुख, गुस्सा आदि से जुड़ा हर अध्याय होता है। अगर युवा इन किताबों को पढ़ लेंगे तो वे जीवन में कभी विफल नहीं होंगे। उन्होंने जीने की कला का व्यावहारिक ज्ञान हो जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बुजुर्ग भी अपने बच्चों को संस्कार दें और जीवन के धार्मिक पहलुओं से अवगत कराएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जसवंत सिंह और संचालन डॉ. चंद्रप्रभा गौतम ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली छात्राओं स्वाति, भावना, आकांक्षा, मानसी, सृष्टि, दिव्या को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में जयनारायण अरुण, जितेंद्र शर्मा, डॉ. रोबिन, एमएम चौधरी, हरिशंकर गुप्ता, सीएस गुप्ता, डॉ. एससी तोमर, भारत सिंह चौहान, सूर्यमणि रघुवंशी, आरपी गुप्ता, डॉ. सुधार प्रसाद सिंह आदि मौजूद रहे।
वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया
बिजनौर। वरिष्ठ नागरिक दिवस पर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक में दिवाकर, महेंद्र सिंह, यादराम सिंह, सुम्मेर सिंह, सीताराम सिंह, बलवीर सिंह, जबर सिंह, रमेश चौधरी, घसीटाराम शर्मा, मुनेश्वर सिंह, नरेंद्रपाल सिंह, अमन सिंह, राजवीर सिंह आदि पेंशनर को सम्मानित किया गया। जिलाध्यक्ष दुर्गा सिंह, योगेश्वर, अर्जुन सिंह, बलवीर सिंह, गिरवर सिंह, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।