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30 मिनट में तय हो रहा आठ किलोमीटर का सफर

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30 मिनट में तय हो रहा आठ किलोमीटर का सफर
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बिजनौर। जिले में बिजनौर बैराज मार्ग हालत खराब की है। मेरठ-पौड़ी हाईवे पर सफर करना दुश्वारियों भरा हो रहा है। यह भी पता नहीं चल रहा है कि गड्ढों में सड़क है या सड़क में गड्ढे। जबकि छह महीने में दो बार मरम्मत हो चुकी है, लेकिन सड़क कुछ ही दिन से टूट जाती है। आठ किलोमीटर का सफर 30 मिनट में तय हो रहा है।
पिछले साल आठ सितंबर को हाईवे प्राधिकरण ने गड्ढों को भर दिया था। मरम्मत किए हुए ज्यादा वक्त भी नहीं हुआ था कि फिर से गड्ढे बन गए। तब से लेकर अब तक दो बार गड्ढों को भरा जा चुका है। इसके बाद भी गड्ढे बने हुए हैं। बिजनौर से बैराज तक ही एक हजार गड्ढे हैं। बिजनौर बैराज से एक किलोमीटर पहले हाईवे पूरी तरह से टूट चुका है। 13 जगह ऐसी हैं जहां एक एक फीट गहरे और तीन-तीन मीटर चौड़े गड्ढे बने हुए हैं। इन स्थानों पर ब्रेक लगाकर वाहन बेहद धीमी गति से निकालना पड़ता है। बता दें कि हाईवे को फोरलेन में भी तब्दील किया जा रहा है। जब से फोरलेन की कवायद शुरू हुई है, तब से बड़े स्तर पर मरम्मत नहीं हो सकी।
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हाईवे पर अक्सर लग रहा जाम
गड्ढों में पहिया गिरते ही वाहनों में टूट-फूट होती है और खराब हो जाता है। इसी वजह से जाम लगता है। पिछले महीने 24 घंटे तक बीस किलोमीटर लंबा जाम लगा था। वहीं वाहनों की गति धीमी होने से भी हाईवे पर जाम लगता रहता है।
सड़क में नए स्थानों पर दो दिन की बारिश की वजह से गड्ढे बन गए थे। जल्द ही गड्ढों को भरने का काम किया जाएगा।
- दिनेश कुमार चतुर्वेदी, परियोजना निदेशक एनएचएआई
20 किमी प्रति घंटा रह गई स्पीड
यूं तो नेशनल हाईवे पर वाहन सरपट दौड़ने चाहिए, लेकिन मेरठ-पौड़ी हाईवे पर वाहनों की गति बीस किलोमीटर प्रति घंटा ही रह गई है। सड़क में गड्ढे इतने हैं कि चाहकर भी गति नहीं बढ़ाई जा सकती है।
गड्ढों की कहानी, लोगों की जुबानी....
- दो-दो फीट गहरे गड्ढे बिजनौर-मेरठ वाली सड़क पर बने हुए हैं। इनकी वजह से जाम की स्थिति रहती है। गाड़ियों के टायर फट रहे हैं। छोटी कार और बाइक वालों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। - नृपेंद्र देशवाल एडवोकेट
- बड़े वाहन के आने पर छोटे वाहनों को सड़क से नीचे होना पड़ता है। हादसा होने का पूरा खतरा बना रहा है। हर रोज जाम लगता है। ड्यूटी पर कभी समय से नहीं पहुंच पाते हैं। बैराज तक दस किलोमीटर का सफर करने में ही एक घंटे का वक्त गड्ढों की वजह से लग जाता है। - डॉ. मल्लिका सिंह, शिक्षिका
हेलमेट में भी धूल जमा हो जाती है। सांस लेने में दिक्कत होती है। कपड़ों की बुरी हालत हो जाती है। ट्रक या बड़े वाहन के पीछे चलते समय गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। बाइक पर जाने वाले लोग गड्ढों के चलते हादसे के शिकार हो रहे हैं।- रचित कुमार, छात्र
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सड़क खराब होने की वजह से बिजनौर से मीरापुर तक पहुंचने में ही दो घंटे लग रहे हैं। जब तक फोरलेन नहीं बन जाता तो तब तक इस सड़क की मरम्मत ही कर देनी चाहिए। अब गड्ढों के कारण यात्रा का समय और हादसों का खतरा बढ़ा है।- डॉ. पुष्पलीन वर्मा
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