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Bijnor News: शिक्षा से होंगी सशक्त, हर क्षेत्र में करेंगी डटकर सामना

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बिजनौर में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में उप​स्थित महिलाएं व युवतियां। संवाद
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बिजनौर। लड़कियां शिक्षा से सशक्त होकर हर क्षेत्र में सामना कर सकती हैं। लड़कियों का शिक्षित होना जरूरी है लेकिन यह भी जरूरी है कि वह अपने संस्कार और सनातन को कभी न भूलें। परिवार को सही तरीके से चलाने के लिए पति और पत्नी में सामंजस्य जरूरी है। तालमेल सेे ही परिवार आगे बढ़ता है।
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शिक्षा के साथ ही महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। सशक्त होने का रास्ता स्वस्थ शरीर से होकर भी जाता है। इसलिए, लड़कियां सेहत का ध्यान रखें ताकि, पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। ये बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बिजनौर कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में सामने आईं, जिसमें महिलाओं और लड़कियों ने खुलकर अपने विचार रखे।
उषा शर्मा ने कहा कि पीढ़ी बदलने के साथ ही मानसिकता बदल गई है। आज के समय में सभी माताओं को जिम्मेदारी है कि वह अपनी बेटियों को संस्कार और सनातन के बारे में जरूर बताएं। उन्हें परंपरागत त्योहारों की जानकारी दें।
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ऋषिका दहिया, कृति गुप्ता ने कहा कि सशक्त हैं तो हर क्षेत्र में सामना कर सकते हैं। इसलिए शादी की जल्द न करें, पढ़ाई जरूरी है। अगर, लड़की सशक्त हैं तो सामने वाला सम्मान के साथ बात करेगा।
पूनम गुप्ता ने बताया कि लड़कियों को पैसे की जगह अपनी काबिलियत को प्राथमिकता देनी चाहिए। बचपन से ही खाना बनाने या दूसरों का सम्मान करने की आदत डालें। उन्हें बताएं कि जिस घर में उनकी शादी होगी, वह भी उसका परिवार है। सशक्त होने के साथ ही मर्यादा भी जरूरी है।
फिजियोथेरेपिस्ट मेघा ने कहा कि हमारी पीढ़ी बराबर की हकदार है। पति-पत्नी दोनों को बाहर कमाना चाहिए। क्योंकि, बढ़ती महंगाई में एक की कमाई से खर्चा नहीं चलेगा। इसलिए, लड़कियां भी शिक्षित होकर नौकरी करें।
संध्या अग्रवाल का कहना है कि परिवार में पति पत्नी के बीच आपसी सामंजस्य जरूरी है। दोनों को एक-दूसरे को समझना चाहिए। बेटा या बेटी दोनों की मां-बाप बड़े प्यार से पालते हैं। इसलिए, दोनों का अहित नहीं होना चाहिए।
विद्यार्थी संजना, प्राची ने संवाद के दौरान कहा कि समय बदल रहा है। मर्यादा में रहकर कुछ नहीं होता है। जो महिला शिक्षित हैं, वह सामना कर सकती हैं।
विद्यार्थी दिशा शर्मा ने बताया कि शिक्षा से ही महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। बड़े शहरों में महिलाओं के लिए नौकरी के अधिक अवसर हैं। इसलिए, आज के समय में पढ़ाई जरूरी है।
विद्यार्थी दिया, रुचि ने कहा कि पढ़ाई के साथ लड़कियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठे। छोटे शहरों में भी लड़कियों को और सशक्त बनने की जरूरत है। समय के साथ बदलाव जरूरी है।
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