आसान किस्त योजना नहीं चढ़ रही परवान
बिजनौर। शासन द्वारा बिजली बकाएदारों से बकाया वसूलने के लिए चलाई गई आसान किस्त योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। योजना करीब एक माह पहले शुरू हुई है। जिले में एक लाख से अधिक बकाएदारों के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक केवल करीब चार हजार बकाएदारों ने पंजीकरण कराया है, जबकि योजना में पंजीकरण कराने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है।
विद्युत निगम का घरेलू चार किलोवाट तक भार वाले शहरी व ग्रामीण एक लाख 24155 उपभोक्ताओं पर करीब 47360 लाख रुपये बकाया चल रहा है। शासन ने बकाएदारों से बकाया वसूलने के लिए आसान किस्त योजना शुरू की है। योजना 13 नवंबर में शुरू हुई है। योजना में बकाएदार को पंजीकरण कराना है। पंजीकरण 31 दिसंबर तक होने हैं। पंजीकरण कराने वाले शहरी उपभोक्ता को 12 किस्तों व ग्रामीण उपभोक्ताओं को 24 किस्त में बकाया जमा करने की सुविधा दी गई है। पंजीकरण के लिए उपभोक्ता को बकाया बिल का पांच फीसदी तथा न्यूनतम 1500 रुपये जमा करना है। इसके बाद उपभोक्ता हर माह किस्त जमा करेगा। पूरा बिल चुकाने के बाद उपभोक्ता के बकाया में जुड़ा सरचार्ज माफ हो जाएगा। बकाएदारों को बड़ी राहत मिलने के बाद भी योजना गति नहीं पकड़ पा रही है। भाकियू के सीनियर नेता होशियार सिंह का कहना है कि योजना की लोगों को जानकारी तक नहीं है। विभाग को गांव गांव योजना का प्रचार प्रसार कराने की जरूरत है।
एसई दफ्तर के अनुसार 30 नवंबर तक बिजनौर सर्किल में करीब 1858 तथा धामपुर सर्किल में करीब 2200 बकाएदार का पंजीकर हुआ है। योजना के अंतर्गत बिजनौर प्रथम डीवीजन में 9527, बिजनौर द्वितीय में 16011, चांदपुर प्रथम में 13062, चांदपुर द्वितीय में 31613 धामपुर प्रथम डीवीजन में 12775 ,धामपुर द्वितीय में 17668 ,नजीबाबाद डीवीजन में 3285 तथा नगीना डीवीजन में 20214 बकाएदार आते हैं। बिजनौर सर्किल के चारों डीवीजन के उपभोक्ताओं पर 26012 लाख रुपये तथा धामपुर सर्किल के चारो डीवीजन के उपभोक्ताओं पर 21348 लाख रुपये बकाया है।
योजना की कर रहे हैं निगरानी
एस ई सीपी सिंह का कहना है कि आसान किश्त योजना बकाएदारों के लिए फायदेमंद है। कर्मचारी उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी दे रहे हैं। लोग पंजीकरण कराने आ रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि शतप्रतिशत बकाएदार का पंजीकरण हो। इसके लिए तेजी लाने के निर्देश दे दिए गए हैं। अधिशासी अभियंताओं, एसडीओ समेत वह स्वयं क्रियान्वयन पर निगरानी रख रहे हैं। बकाएदारों से योजना का लाभ उठाने को कहा गया है।