बिजनौर में बैराज के पुल की मशीन से होती जांच। स्रोत विभाग
बिजनौर। बिजनौर गंगा बैराज का पुल में खराबी की परख के लिए के लिए ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट (एमबीआईयू) का इस्तेमाल किया गया। आधुनिक मशीन के जरिए पुल की वजन सहन करने की क्षमता को परखा गया। वहीं मशीन के साथ आए दल ने पुल के नीचे उतरकर स्लैब और बेयरिंग की मौजूदा हालत की पड़ताल की। पड़ताल के साथ-साथ फोटो और वीडियो भी बनाया गया। जिन्हें नेशनल हाईवे प्राधिकरण के ब्रिज एक्सपर्ट को भेजा गया गया है। उधर जांच दल में शामिल सूत्रों ने बताया कि बैराज के गेट में 28 के सामने वाले स्लैब के नीचे उतरकर देखा गया तो गार्डर और पिलर कैप के बीच बेयरिंग का पेडस्टल टूटा हुआ मिला। बता दें कि पेडस्टल कंक्रीट और सीमेंट से बना हुआ एक आधार होता है, जिस पर बेयरिंग टिका होता है। बेयरिंग गार्डर और स्लैब का वजन सहन करते हुए पिलर से जोड़ता है।
उधर सूत्रों ने दावा कि एक या दो जगह नहीं बल्कि कई जगहों पर बेयरिंग खराब मिले हैं जोकि ऑयलिंग नहीं होने की वजह से जाम या खराब हो गए है। ये लोहे के होते हैं, जिन पर जंग लगा मिला।