बेगावाला/बिजनौर। शारदीय नवरात्र में बंगाली संस्कृति से दुर्गा पूजा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। मां दुर्गा की मूर्ति बनाने का काम अंतिम दौर में है। बंगाली समुदाय के लोग नवरात्र की षष्ठी से दुर्गा पूजा शुरू करते हैं। छह दिन तक चलने वाली यह दुर्गा पूजा किसी उत्सव से कम नहीं है। शनिवार को धर्मनगरी, घासीवाला, हेमराज बंगाली कॉलोनी में माता का आह्वान किया गया।
27 सितंबर से सभी बंगाली कॉलोनियों में दुर्गा पूजा शुरू हो रही है। मूर्तिकार मां दुर्गा, गणेश, कार्तिकेय, लक्ष्मी, सरस्वती, शंकर, महिषासुर एवं भैसा की मूर्ति बना रहे हैं। एक माह से मूर्ति बनाने का काम चल रहा है। छह दिन तक पूजा-अर्चना के बाद तीन अक्टूबर को गंगा बैराज पर मूर्ति विसर्जित की जाएगी। जिले में केवल बंगाली समुदाय के लोग ही मां दुर्गा की मूर्ति प्रवाहित करते हैं। धर्मनगरी बंगाली कॉलोनी निवासी श्यामल मंडल के अनुसार शनिवार को गांव में माता का आह्वान किया गया।
पूजा का कार्यक्रम
27 सितंबर : सायं काल शारदीय दुर्गा देवी बोधन
28 सितंबर : षष्ठी पूजन के उपलक्ष्य में कल्पारंभ एवं प्रशस्ता देवी आमंत्रण
29 सितंबर : सप्तमी पूजन, मां दुर्गा देवी पत्रिका प्रवेश स्थापना एवं सप्तमी पूजा
30 सितंबर : अष्टमी विशाल भंडारा
एक अक्तूबर : महानवमी विहित पूजा
दो अक्तूबर : विजयदशमी पूजा के साथ मेले का आयोजन
तीन अक्तूबर: शोभा यात्रा एवं मूर्ति विसर्जन