- गन्ने की कम आवक होने से अधिकारियों की बढ़ी दिक्कत, पेराई क्षमता को घटानेे के बाद भी नहीं मिल रहा पर्याप्त गन्ना
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। कड़ाके की ठंड के चलते गन्ने की छिलाई का काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में मिल की ओर से प्रतिदिन जो इंडेंट जारी किया जा रहा है। उनमें 50 प्रतिशत इंडेंट फेल हो रहा है। कम गन्ने की आपूर्ति होन से मिल की पैराई करने की क्षमता को घटा दिया गया है। मिल की 24 घंटे में गन्ना पैराई करने की क्षमता 1.40 लाख क्विंटल की है। मगर कम गन्ना आने के कारण क्षमता को घटाकर एक लाख कर दिया गया है। फिर भी गन्ने की पर्याप्त आवक न होने से कभी कभार मिल नो केन हो रही है।
धामपुर चीनी मिल के उपाध्यक्ष यूनिट हेड निष्काम गुप्ता ने बताया कि मिल का वर्तमान पेराई सत्र छह नवंबर 2025 को शुरू हुआ है। अब तक दो महीने में चीनी मिल 75 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। मिल की गन्ना पेराई करने की क्षमता 24 घंटे में 1.40 लाख क्विंटल की है। लेकिन पिछले एक सप्ताह से पड़ रही कड़ाके की ठंड के चलते मिल की पेराई क्षमता को घटाकर एक लाख कर दिया। क्योंकि किसानों की ओर से गन्ने की छिलाई समय से नहीं हो पा रही है।
ऐसे में कभी कभार नो केन की स्थिति पैदा हो जाती है। जो मिल अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। बताया कि प्रतिदिन मिल की ओर से तकरीबन ढाई लाख क्विंटल का इंडेंट विभिन्न गन्ना समितियों के माध्यम से भेजा जा रहा है। लेकिन छिलाई कम होने से 50 प्रतिशत इंडेंट फेल हो रहा है। जिसके कारण मिल अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप नहीं चल पा रही है। उन्होंने किसानों से मिल द्वारा जारी पर्चियों के हिसाब से समय से गन्ने की छिलाई कर आपूर्ति करने का सुझाव दिया है।