जिले में फैला है ड्रग तस्करी का मकड़जाल
बिजनौर। जिले में ड्रग तस्करी का मकड़जाल फैला हुआ है। तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। चोरी छिपे ड्रग की तस्करी का खेल चल रहा है। पिछले छह माह में पुलिस ने ड्रग तस्करी के 78 मामले दर्ज करके 84 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है।
जिले में बरेली व मुरादाबाद से चरस व हेरोइन की खूब तस्करी हो रही है। नेपाल के रास्ते इसकी खेप खूब पहुंच रही है। पंजाब तक के लोग यहां से मादक पदार्थों को ले जाते हैं। सड़कों किनारे चलने वाले ढाबे व अन्य स्थानों पर इसकी तस्करी का खेल चलता है। पंजाब व अन्य राज्यों से आने वाले ट्रकों से यह तस्करी चोरी छिपे चलती है। इस काम में छोटे ही नहीं बड़े लोग भी जुड़े हुए हैं। कई साल पहले पुलिस ने युवाओं को नशे की लत लगाने वाले रामपुर के एक गैंग को इसी तरह अपने जाल में फंसाया था। पिछले छह माह में पुलिस ने मादक पदार्थों के 78 मामले दर्ज किए हैं और 84 तस्करों को दबोचा है। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के पीछे पुलिस लगी है। तस्करों को दबोचा जा रहा है।
मेडिकल स्टोर पर नशे की गोलियों का खेल
जिले में मेडिकल स्टोर से भी नशे की गोलियों का खूब खेल चल रहा है। ये गोलियां चोरी छिपे लोगों को दी जा रही हैं। जिले के हर बड़े शहर व कस्बों में मेडिकल स्टोर पर यह खेल चल रहा है पर स्वास्थ्य विभाग इस ओर से आंखेें मूंदे हुए है। एक साल पहले मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा समेत चार जिलों की टीम ने नूरपुर में एक मेडिकल स्टोर में छापा मारकर बड़ी तादाद में नशीली गोलियां पकड़ी थीं। मेडिकल स्वामी का चालान किया था। तब पता चला था कि जिले में युवाओं को नशे की गोली परोसने का बड़ा खेल चल रहा है। बिजनौर पुलिस ने जिला कारागार के पास रहने वाले दो युवकों को छह माह पहले बड़ी तादाद में नशे की गोलियों के साथ दबोचा था। स्कूलों व स्टेडियम में भी नशे का खूब खेल चलता है। युवा खेल में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए नशे के इंजेक्शन तक लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं। ऐसा करके वे अपने आपको अंदर से खोखला कर रहे हैं।