बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के करीब सवा पांच लाख बच्चों को दवाई पिलाने का लक्ष्य रखा है। विभाग ने अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है। विभाग ने बच्चों को दवाई पिलाने के लिए जिले में 2231 बूथ बनाए हैं। बूथों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षक भी बनाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने पल्स पोलियो अभियान के लिए कमर कस ली है। विभाग ने शून्य से पांच साल तक के सवा पांच लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 2231 बूथ बनाएं है। यह बूथ ईंट भट्ठे, रोडवेज स्टैंड, पीएचसी, सीएचसी, एपीएचसी, रेलवे स्टेशन व आंगनबाड़ी केंद्रों पर बनेंगे। विभाग ने अभियान के लिए 2660 आशा व 2235 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कार्य पर लगाया है। विभाग ने घर घर जाकर दवाई पिलाने के लिए 1238 टीमों का निर्माण भी किया है। विभाग ने आवश्यकता पड़ने पर 408 ट्रांजिट बूथ की भी व्यवस्था की है। सभी बूथों की निगरानी के लिए विभाग ने करीब पांच सौ पर्यवेक्षक भी बनाए हैं।
एसीएमओ डॉ.एसके निगम ने बताया कि पोलियो एक घातक बीमारी है। उन्होंने बच्चों के परिजनों से अपील की है कि वह अपने शून्य से पांच साल तक के बच्चों को 29 जनवरी तक पोलियो की खुराक जरूर पिलाएं।
आज भी खुले रहेंगे स्कूल ः बिजनौर। बीएसए महेशचंद्र ने बताया कि पल्स पोलियो कार्यक्रम में सहयोग के लिए आज जिले के सभी परिषदीय स्कूल खुले रहेंगे।
उन्होंने जिले के सभी शिक्षकों को बच्चों की बुलावा टोली बना कर पोलियो अभियान में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल बंद पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को पोलियो बूथों पर निगरानी रखने को कहा है।