मेधावियों के मन में देश सेवा का सपना
बिजनौर। यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले के टॉपर बने छात्र छात्राओं के मन में देश सेवा का सपना है। कोई आईएएस बनना चाहता है तो, कोई इंजीनियर और शिक्षक। राजनीति से मेधावी किनारा करते हैं और सेना के सम्मान में कार्य करने की बात कहते हैं।
-- आईएएस बनकर करनी है देश सेवा : वैभव
इंटर में जिला टॉपर बने वैभव राजपूत का कहना है कि वह आईएएस बनना चाहते हैं। परीक्षा परिणाम में पाई सफलता का श्रेय वह अपने परिवार के साथ ही गुरुजनों को देते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए वह कॉलेज के अलावा घर पर रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे। पढ़ाई के साथ ही कुछ समय खेल के लिए भी निकालते थे। परिजनों ने उन्हें मेहनत से पढ़ाई करने के लिए हमेशा प्रेरित किया, जिस कारण वह भी परिश्रम करते रहे और कामयाबी मिल गई। उनका कहना है कि आईएएस चाहे तो देश की दशा बदल सकते हैं, लेकिन उसके लिए आत्मबल की आवश्यकता है। कहा कि देश की राजनीति का स्तर बहुत निम्न है। सेना से भी पराक्रम के सबूत मांगे जाते हैं। उनका मानना है कि युवाओं को आगे आकर गंदी राजनीति साफ करनी चाहिए। हालांकि वह खुद राजनीति में नहीं आना चाहते हैं।
-- इंजीनियर बन कमाना है नाम : दीपांशी
जिले में द्वितीय टॉपर दीपांशी राजपूत इंजीनियर बनना चाहती है। वह आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहती हैं। उनका कहना है कि भारत के आईआईटी इंजीनियर का दुनिया में डंका बजता है। वह इंजीनियर बनकर दुनिया में नाम कमाना चाहती है। दीपांशी राजपूत का कहना है कि सभी अपनी अपनी तरह से देश की सेवा कर रहे हैं लेकिन जो समर्पण सैनिकों का होता है, वह किसी और का नहीं होता है। अगर आईआईटी करने के बाद उन्हें सेना में काम करने का मौका मिला तो, वह जरूर काम करेंगी। दीपांशी ने बताया कि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया से किनारा कर लिया था और पूरा फोकस पढ़ाई पर रखा। पढ़ाई में उसे परिवार तथा गुरुजनों का पूरा सहयोग मिला।
-- शिक्षिका बनना है मेरा लक्ष्य : अनुष्का
इंटरमीडिएट में जिला टॉपर्स की सूची में तीसरे नंबर पर रहीं अनुष्का ठाकुर का लक्ष्य शिक्षिका बनना है। उसके लिए परिवार से भी पढ़ाई में पूरा सहयोग मिल रहा है। उनके पिता भी शिक्षक हैं। परीक्षा के दौरान टीचर्स के साथ ही पिता ने काफी मद्द की। प्रतिदिन चार से पांच घंटे पढ़ाई पर ही फोकस किया। अनुष्का का कहना है कि शिक्षक समाज को नई दिशा देता है। शिक्षित होकर ही कोई समाज या देश तरक्की कर सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में अभी बहुत काम करने की जरूरत है। उनका कहना है कि राजनीति में जाने के बारे में तो सपने में भी नहीं सोचा है। राजनेता आए दिन उल्टे सीधे बयान देते हैं। कोई भी बच्चा राजनीति में नहीं जाना चाहता है। नेताओं को खुद ही अपना स्तर सुधारना चाहिए।
नूरपुर में इंटरमीडिएट की परीक्षा में जपनद में दूसरे स्थान पर रही दीपांशी राजपूत को मिठाई खिलाते ?- फोटो : BIJNOR