शव उठाने के लिए ग्रामीणों को समझाती पुलिस।
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बुधवार सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के बाद प्रवेंद्र पुत्र मोती सिंह अपनी पत्नी गीता को साथ लेकर खेत में घास काटने के लिए चला गया। दोपहर तीन बजे तक भी जब दंपती नहीं लौटे तो परिवार के लोग तलाश के लिए निकल गए।
धान के खेत पर बेल के पेड़ के नीचे प्रवेंद्र का शव पड़ा मिला। उसके गले पर इंजेक्शन लगाने जैसा निशान बना हुआ था। परिवार वाले प्रवेंद्र के शव को घर ले आए। गीता को ढूंढा गया तो उसका शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला। उसके भी गले पर ऐसा ही निशान बना हुआ था। अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने गीता की हत्या करने के बाद उसके पति को मारा।
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सूचना मिलते ही सीओ देशदीपक पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। मगर गुस्साए लोग हंगामा करते रहे और शव नहीं उठने दिए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ देशदीपक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल हत्या के हर पहलू पर जांच की जा रही है।