संवाद न्यूज एजेंसी
नींदडू। बज्मे कारवाने कलम के तत्वावधान में गांव बसेड़ा खुर्द में मिनी मुशायरे का आयोजन किया गया। इकरार साहिल कासमी (मेवानवा) ने चाहो अगर सुकूं से रहे बेटी आपकी, गैरों का सा सुलूक न दुल्हन से कीजिए...सुनाकर वाहवाही लूटी।
हाजी नूर मोहम्मद की अध्यक्षता एवं कारी उस्मान मोहतमिम के संचालन में आयोजित मिनी मुशायरे की शुरुआत कारी लईक अहमद के कुरआन मुकद्दस की तिलावत से हुई। मुफ्ती फैजान आदिल ने नात-ए-पाक पेश करते हुए कहा- राह से भटक कर तुम पड़ गए हो उलझन में, पाओगे अमां लेकिन मुस्तफा के दामन में, असलम सादिक ने कहा- सैय्याद ही को माली बनाया गया अगर, महफूज उसके जुल्म से गुलशन न मिलेगा... सुनाकर वाहवाही लूटी।
तैय्यब जकी रवाना शिकारपुरी ने फरमाया- अब सारी उम्र वह हमें मिलना नहीं ज़की, जो लुत्फ खेल का कभी बचपन में आ गया, अब्दुल रहीम जख्मी ने कहा- गलियों में दुश्मनों ने घसीटा था जा-ब-जा, रस्सी बिलाले हबशी की गर्दन में डालकर.. सुनाया। लईक अहमद फैजी नूरपुरी ने फरमाया- हक अदा बाप का कर सकते हैं बच्चे क्यों कर, धूप में तपता है बच्चों के जो पालन के लिए...सुनाया। नोमान हमदम और तहसीन अफजल मकसूदपुरी के कलाम भी सराहे गए।