बिजनौर में जिले में कबड्डी का सुरूर युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। हर गांव में युवाओं की टीम मैदान में जोर आजमाइश करते नजर आती है। लेकिन जिले में मंडावली ही एक ऐसा गांव हैं, जहां लड़कियों ने आज भी कबड्डी का जुनून खत्म नहीं होने दिया है। गांव की एक दर्जन से अधिक लड़कियां सुबह शाम प्रैक्टिस करने के लिए मैदान में जाती हैं और जोर आजमाइश करती हैं।
खादर क्षेत्र कबड्डी प्रतियोगिताओं और कबड्डी खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है। यहां के अमरजीत सिंह ने नेशनल प्रतियोगिता में भाग लिया तो प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में दो दर्जन से अधिक खिलाड़ी खेल चुके हैं। जिले के कुछ और क्षेत्रों में भी नेशनल स्तर के खिलाड़ी हुए हैं, लेेकिन खादर क्षेत्र का मंडावली गांव इसे एक विशेष पहचान देता है। जिले में शायद मंडावली ही ऐसा गांव हैं, जहां आज भी लड़कियां कबड्डी खेलती हैं। गांव के बाहर बनी स्पोर्ट्स एकेडमी में ये सभी लड़कियां सुबह-शाम दो-दो घंटे प्रैक्टिस करती हैं। गांव की शीतल चौधरी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी है। निधि, स्वाति, डॉली और मोनी राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। इन सब खिलाड़ियों के अलावा गांव की ही जमुना, काजल, ज्योति, ममता और शिवांगी भी शाम को नियमित प्रैक्टिस करती हैं।
गांव निवासी और राज्य स्तर के खिलाड़ी रहें सरवन कुमार इन खिलाड़ियों को प्रैक्टिस कराते हैं।
गांव में प्रैक्टिस करने वाली सभी लड़कियां किसान परिवारों से हैं। सभी लड़कियां पढ़ाई भी कर रही हैं। अगर कोई लड़की कबड्डी में दिलचस्पी दिखाती है तो उसके परिवार वाले विरोध नहीं करते, बल्कि उसका हौसला बढ़ाते हैं। जिला कबड्डी संघ सचिव एवं मंडावली निवासी खड़ग सिंह कहते हैं कि कबड्डी के प्रति लड़कियों के शौक को दबाया नहीं जा रहा है। अगर कोई लड़की प्रैक्टिस करना चाहती है तो उसके परिवार वाले उनको प्रेरित करते हैं।