बिजनौर। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज में संबद्ध होने के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्था में बदलाव होना शुरू हो गया है। कुछ दिनों पहले इमरजेंसी में स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं अब चिकित्सकों को भी इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का दिन में तीन बार हालचाल जानने के निर्देश दिए गए हैं।
गंभीर मरीज को सबसे पहले अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया जाता है। वहां चिकित्सक मरीज का इलाज करते हैं। जिस बीमारी से ग्रसित मरीज अस्पताल में आता है तो उससे संबंधित चिकित्सक ही मरीज का इलाज करते हैं। ऐसे में अभी तक चिकित्सक मरीज को दवाई देकर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर देते हैं। चिकित्सक दिन में केवल एक बार ही मरीजों का हालचाल जानने के लिए उनके पास जाते हैं।
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मगर अब इमरजेंसी में भर्ती मरीजों की देखरेख व्यवस्था में बदलाव किया गया है। चिकित्सक अस्पताल खुलने तक इमरजेंसी में भर्ती मरीज की संबंधित चिकित्सक तीन बार जांच करेंगे। सुबह आठ बजे मरीजों को देखने का सिलसिला शुरू होगा। अगर चिकित्सक को लगता है कि मरीज की स्थिति ठीक है तो उसे वार्ड में भेज दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के हिसाब से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इमरजेंसी में भी मरीजों का हालचाल जानने के लिए चिकित्सकों के एक से अधिक दौरे करने की शुरूआत की गई है। इससे चिकित्सक मरीजों की स्थिति का पता लगा सकते हैं।..
..डॉ. उर्मिला कार्या, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर