बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 29628 वादों का निस्तारण किया गया। 611105 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। 18 करोड़ 76 लाख 40657 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई।
प्राधिकरण की सचिव नीलू मेनवाल के अनुसार जिला जज एमपी सिंह की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह ने 38 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख 40 हजार 600 रुपये समझौता धनराशि दिलाई। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश राजेश्वरी टोलिया ने 36 वादों का निस्तारण करते हुए आठ लाख 10 हजार रुपये की समझौता राशि दिलाई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 26 वादों का निस्तारण करते हुए दो करोड़ 10 लाख 30 हजार रुपये की धनारशि प्रतिकर स्वरूप पीड़ित परिवारों को दिलाई गई।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राजीव गोयल द्वारा 10 वादों का निस्तारण करते हुए 26 लाख 41 हजार 554 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई। स्पेशल जज ईसी एक्ट डॉ. विजय कुमार ने सर्वाधिक 1131 वादों का निस्तारण किया। अतिरिक्त न्यायाधीश एनआई एक्ट आरए कौशिक ने 37 वादों का निस्तारण करते हुए 91 लाख 73 हजार रुपये की समझौता राशि दिलाई। सीजेएम शिवानंद गुप्ता ने 595 वादों का निस्तारण करते हुए एक लाख 88 हजार 380 रुपये का जुर्माना वसूला। एडीजे राम अवतार यादव ने दो वादों का, एडीजे अवधेश कुमार ने पांच वादों का, एडीजे पारुल जैन ने दो वादों का, एडीजे नगीना मनमोहन सिंह ने दो वादों का, एडीजे हनी गोयल ने दो वादों का, एडीजे शैला ने तीन वादों का, एडीजे रामलाल ने 10 वादों का, एडीजे प्रकाशचंद शुक्ला ने नौ वादों का, लघुवाद न्यायाधीश शारिब अली ने चार वादों का निस्तारण किया। सिविल जज एसडी अभिनव यादव ने 32 वादों का निस्तारण करते हुए 70 लाख 61 हजार 46 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई।
सीजेएम पप्पू यादव ने 580 वादों का निस्तारण करते हुए एक लाख 11 हजार 150 रुपये, अपर सिविल जज सीडी अनिशा ने 333 वादों का निस्तारण करते हुए 34 हजार 210 रुपये, अपर सिविल जज सीडी अंशुमन धुन्ना ने 144 वादों में 18 हजार 255 रुपये, सिविल जज एफटीसी नीलम सरोज ने 376 वादों का निस्तारण करते हुए 48 हजार 770 रुपये वसूले। अपर सिविल जज जेडी शोभा भाटी ने 53 वादों का, सिविल जज दीप्ति सिंह ने 81 वादों का, अपर सिविल जज प्रतीक त्रिपाठी ने 78 वादों का, अपर सिविल जज मोनिका मिश्रा ने 100 वादों का, अपर सिविल जज ईशा त्रिपाठी ने 47 वादों का, अपर सिविल जज एकता सिंह ने 33 वादों का, अपर सिविल जज शिषिर श्रीवास्तव ने 70 वादों का, अपर सिविल जज पूजा शर्मा ने 71 वादों का निस्तारण किया।
एसीजेएम नगीना आमोद कंठ ने 595 वादों का निस्तारण करते हुए 68 हजार 100 रुपये का, सिविल जज जूनियर डिविजन नगीना देवेंद्र कुमार ने 216 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख की समझौता धनराशि दिलाई। अपर सिविल जज नगीना विपुल ने 230 वादों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज अन्नु ने 210 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज चांदपुर आदित्य सिंह ने 578 वादों का निस्तारण करते हुए 37 हजार 330 रुपये, सिविल जज नजीबाबाद एकलव्य सरोज ने 592 वादों का निस्तारण करते हुए 57 हजार 360 रुपये का, अपर सिविल जज साधना ने 355 वादों का निस्तारण करते हुए 20 हजार 160 रुपये का अर्थदंड वसूला।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के अनुसार राजस्व न्यायालय द्वारा 21013 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं उपभोक्ता फाेरम ने 14 वादों का निस्तारण करते हुए 30 लाख 71 हजार 624 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई। बैंकों द्वारा बैंक रिकवरी के 1414 वादों का निस्तारण करते हुए 14 करोड़ 17 लाख 11 हजार 480 रुपये समझौता धनराशि वसूल की गई। बीएसएनएल द्वारा 133 वादो का निस्तारण करते हुए दो लाख आठ हजार 538 रुपये की समझौता धनराशि वसूली गई। लोक अदालत के दौरान पुलिस मुस्तैदी से तैनात रही। एएसपी देहात राम अर्ज ने जजी में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए।