बिजनौर में प्रदेश में सरकार बदलते ही शासन ने प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे सरकारी चिकित्सकों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। शासन ने सीएमओ को टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। निजी नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करने पर चिकित्सक व नर्सिंगहोम भी कार्रवाई की निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में सरकारी चिकित्सक निजी नर्सिंगहोम या अन्य स्थानों पर प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हो रही है व आम जनता को सरकारी अस्पतालों में समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। शासन प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त हो गया है। शासन ने प्रदेश भर के सभी सीएमओ को पत्र भेजा। शासन ने पत्र में निर्देश दिया है कि सीएमओ टीम गठित कर छापेमार कार्रवाई करें। निजी नर्सिंगहोम में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सक व नर्सिंगहोम के खिलाफ भी कार्रवाई कर लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। टीम में एसीएमओ डॉ.पीआर नायर, एसके निगम, डॉ. शैलेश जैन, डिप्टी सीएसओ रोहताश सिंह व प्रमोद कुमार को शामिल किया गया है। सीएमओ डॉ.सुखवीर सिंह ने बताया कि प्राइवेट तौर पर निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करने वाले व अन्य स्थानों पर प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।