बिजनौर। जिले में बृहस्पतिवार को नेताओं का जमावड़ा रहा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सकों की वीआईपी ड्यूटी लगाई गई। जिसका असर मेडिकल अस्पताल में देखने को मिला। एनेस्थेटिक चिकित्सक के वीआईपी ड्यूटी में जाने से चार मरीजों के ऑपरेशन नहीं हुए। अब इन मरीजों को ऑपरेशन के लिए अगली तारीख दी गई है।
मेडिकल अस्पताल में कार्यरत एनेस्थेटिक चिकित्सक डाॅ. एफसी वर्मा की बृहस्पतिवार को वीआईपी ड्यूटी लगा दी। जबकि, उनकी ऑपरेशन थियेटर में भी ड्यूटी थी। हड्डी विभाग में डॉ. अतुल यादव ने मरीजों का ऑपरेशन करने के लिए बृहस्पतिवार का दिन तय किया। मरीज भी ऑपरेशन कराने के लिए ऑपरेशन थियेटर पहुंचे। तैयारी पूरी हो चुकी थी। लेकिन, बाद में पता चला कि एनेस्थेटिक वीआईपी ड्यूटी में गए हुए हैं। इससे मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों ने बताया कि बीमारी को लेकर काफी परेशान हैं। ऑपरेशन कराने के लिए मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया। लेकिन, ऑपरेशन नहीं हुआ। अब पता नहीं, कब ऑपरेशन होगा। जिसके बाद मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया। मरीज ऑपरेशन के इंतजार में अस्पताल में लेटे रहे।
बृहस्पतिवार को मेडिकल अस्पताल में जिन मरीजों का ऑपरेशन होना था। उनमें एक राजेश वर्मा थी। चोट लग गई थी। जिसके चलते उनके कूल्हे का ऑपरेशन कर रॉड डलनी थी। लेकिन, ऑपरेशन नहीं हुआ। वहीं, मरीज भोले के पैर की हड्डी टूट गई थी। ऑपरेशन कर मरीज के पैर पर शिकंजा कसा जाना था। वहीं, एक अन्य मरीज के हाथ में प्लेट डालने और एक मरीज के कूल्हे में रॉड डालने का ऑपरेशन किया जाना था। मगर, एनेस्थेटिक के नहीं होने से ऑपरेशन नहीं हो सका।