अफजलगढ़। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत नैनीताल कॉवेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें विद्यालय की सभी छात्राओं ने प्रतिभाग किया। बतौर मुख्य अतिथि समाज सेविका अनुराधा चौहान ने छात्राओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता का बोध कराया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को कभी किसी से हार नहीं माननी चाहिए। बल्कि अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर देश के नाम को विश्व में रोशन करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को नारी गरिमा बनाए रखने और उनके चेहरे पर हर समय मुस्कान बनाए रखने की शपथ दिलाई। कहा कि छात्राएं कुछ ऐसा करें, जिससे संपूर्ण समाज उनके प्रदर्शन का कायल हो जाए।
उन्होंने बताया कि वह डूडा के माध्यम से नगर और क्षेत्र में लड़कियों को सिलाई कढ़ाई, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर आदि के प्रशिक्षण दिला रही हैं। मलिन बस्तियों में जाकर बेटियों को पढ़ा लिखा कर जागरूक कर रही हैं। कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ शीर्षक पर नाटिका का आयोजन हुआ। नाटक के माध्यम से लिंगानुपात के अंतर को दूर करने, कन्याओं को संरक्षण देकर उच्च शिक्षा दिलाने, बेटों की तरह से होनहार बनाने का संदेश दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं हैं। महिलाएं देश की रक्षा के लिए सेना में भी आगे आकर योगदान दे रही हैं। हमें भी उनकी तरह आगे आकर पुलिस, सेना और प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। अनेक बेटियां अपने परिवार के साथ जिले और देश का नाम रोशन कर रही हैं। वह भी पढ़ लिखकर उच्च शिक्षा ग्रहण करें। माता-पिता का नाम रोशन कर उन्हें गौरवान्वित करें कि वह भी बेटों से कम नहीं हैं। अनुराधा चौहान ने अमर उजाला की इस अनूठी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने किसी भी युग में हार नहीं मानी है। महिलाएं अपनी प्रतिभा के बल पर हर क्षेत्र में परचम फहरा रही है। हमें भी किसी से पीछे नहीं रहना है। छात्राओं को देश की तरक्की में नारी गरिमा का ध्यान रखते हुए उम्दा योगदान देना है। भूत, वर्तमान और भविष्य में नारी गरिमा की गाथा को वर्णन होता रहे। यही हमारी ताकत है, कर्तव्य और धर्म।
पुरुषों को लेनी चाहिए महिलाओं के आत्मसम्मान की शपथ
शिक्षिका शबीना महबूब का कहना है कि महिलाओं के आत्मसम्मान और सुरक्षा के लिए पुरुषों को भी शपथ लेनी चाहिए। इससे वह अपने को ओर सुरक्षित महसूस करेंगी।
बरखा सिंह का कहना है कि हमें अपनी परेशानी का डटकर मुकाबला करना चाहिए। शिक्षिका लखविंदर कौर का कहना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। मोहिंदर कौर ने अमर उजाला की इस अनूठी पहल की सराहना की। अंजलि सक्सेना का कहना है कि महिलाओं को जागरूक रहने के लिए स्वयं भी ठोस कदम उठाना होगा।
सहयोग मिले को सब कुछ कर सकती हैं बेटियां
छात्रा नमन गहलोत का कहना है कि छात्राएं भी आज उच्च पदों पर पहुंचकर देश का मान बढ़ा रही हैं। यदि परिवार और समाज का सहयोग मिले तो बेटियां सब कुछ कर सकती हैं। मनीषा चौहान का कहना है कि नारी कहीं भी वीरता में कम नहीं हैं। छात्रा शगुफी मलिक का कहना है कि जो छात्रा आगे बढ़ना चाहती हैं, उसे माता पिता अवश्य पढ़ाएं। सेजल चौहान का कहना है कि अमर उजाला की अच्छी पहल है। हमें भी सहयोग कर दूसरी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। तनिका चौहान का कहना है कि बेटी के बगैर समाज को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है, बेटी को भी बेटों के समान समझना चाहिए, लेकिन बेटियाें को भी अपनी मर्यादाओं का ध्यान रखना होगा।