-मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक समस्याओं को न करें नजर अंदाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने बृहस्पतिवार को राजकीय पुस्तकालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य आत्महत्या की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा जरूरतमंदों को समय पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन कुमार, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट आरुषि दीक्षित, साइकायट्रिक सोशल वर्कर साक्षी सिंह और साइकायट्रिक नर्स राहुल कुमार ने उपस्थित पाठकों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते परामर्श और उपचार मिलने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार संभव है।
विशेषज्ञों ने आत्महत्या की रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला न छोड़ें। उसकी बात धैर्यपूर्वक सुनें और जरूरत पड़ने पर उसे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए प्रेरित करें। कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। समय पर मिलने वाली सहायता किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकती है।
कार्यक्रम में पुस्तकालय अध्यक्ष अनन्शु माहेश्वरी ने जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम का आभार व्यक्त किया। इस दौरान गगन कुमार, सचिन कुमार, तनवीर, जाह्नवी, लोकेन्द्र, इशिका, रोहन, जतिन आदि मौजूद रहे।