उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में रहने वाला सैनिक बस थोड़ा सा सम्मान चाहता है। रिटायरमेंट होकर आने वाले सैनिक को बेवकूफ न समझे, वल्कि उनसे बात कर उन्हें एहसास दिलाएं कि उन्होंने देश के लिए क्या किया है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का सबसे बड़ा उदाहरण सैन्य बलों में देखने को मिलता है। एक ही टेंट में मंदिर और मस्जिद होती है।
देश की सभी अपना परिवार मानें क्योंकि देश से ही हमारा अस्तित्व है। आम लोग भी अपने आपको सैनिक माने ओर देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बदमाशो के विरुद्ध खड़े होने का हौसला रखें तभी देश खुशहाल होगा।