बिजनौर में चांदपुर पुलिस का खेल देखिए। डीएम ने चांदपुर की नजूल की भूमि पर एक परिवार के कब्जा करने की जो रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चादंपुर पुलिस ने उस केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। गजब तो यह है कि पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाते वक्त यह भी नहीं देखा कि चार एसडीएम ने भूमि की जांच करके पाया था कि भूमि नजूल की है। नजूल की भूमि पर कब्जा किया हुआ है।
सभी एसडीएम ने डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। डीएम अब इस केस की पुन: विवेचना कराने व दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसपी को पत्र लिख रहे हैं। इस केस को लेकर चांदपुर पुलिस कठघरे में खड़ी हो गई है।
चांदपुर के मोहल्ला काजीजादगान में मंडी कोटला के निकट नगर पालिका की भूमि खसरा नंबर 2750, 2751, 2752 मुख्य बाजार में होने के कारण बेशकीमती है। मोहल्ले के रहने वाले डा. संध्येश गुप्ता की पत्नी अलका गुप्ता ने विधिवत तरीके से उस भूमि में से 53.25 वर्ग मीटर भूमि का 31 अक्टूबर 1996 को फ्री होल्ड अपने पक्ष में कराया था।
अलका गुप्ता के मुताबिक चांदपुर के मोहल्ला कटकुई निवासी रर्हसुलहसन व उनके परिवार के लोग उस भूमि पर अपना स्वामित्व बताते थे। इस मामले में 1994 से लेकर 2014 तक चार एसडीएम व तहसीलदार ने जांच की। सभी ने पाया कि भूमि नजूल की है। अब फिर से भी भूमि की जांच की और नजूल की भूमि पाया गया। एसडीएम चांदपुर ने नगर पालिका चांदपुर की उक्त भूमि के क्रय विक्रय का अनुचित बताया।
डीएम के आदेश पर भूमि कब्जाने वालों केे खिलाफ चांदपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चांदपुर पुलिस ने सभी एसडीएम व तहसीलदार की जांच को दरकिनार करके केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। नजूल की भूमि पर आरोपियों ने अपना कब्जा जमा रखा है। ये लोग अलका गुप्ता की भूमि पर कब्जा करने की फिराक में है। आए दिन दुकान खाली करने की उन्हें धमकी दे रहे हैं।
अलका गुप्ता इस मामले में एडीएम प्रशासन मदन गर्ब्याल से मिली। वे डीएम के बाहर होने पर शिकायत सुन रहे थे। उन्होंने बताया कि डीएम की और से एसपी को पत्र लिखकर केस में लगाई एफआर को निरस्त करके पुन: विवेचना कराने व एफआर लगाने वाले पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा जा रहा है।