बिजनौर केगांव बागड़पुर निवासी दिव्यांग सुमित ने दिखा दिया है कि अगर हौसला हो तो मंजिल आसानी से पाई जा सकती है। सुमित का चयन केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा अंग्रेजी अध्यापक के रूप में हुआ है। सुमित अब फौजियों के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाता नजर आएगा।
गांव बागड़पुर निवासी सुमित के एक पैर में पोलियो है। लेकिन सुमित ने अपनी दिव्यांगता को आड़े नहीं आने दिया। क्रिकेट खेलने के शौकीन सुमित ने अपने जैसे बाकी खिलाड़ियों की बिजनौर में ही टीम बना ली और कई जिलों के खिलाड़ियों को बुलाकर यहां पर प्रदेश स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता भी कराई। सुमित यूपी की दिव्यांग टीम का कप्तान भी रह चुका है और बांग्लादेशी दिव्यांग क्रिकेट टीम के साथ आयोजित फ्रेंडली मैच में भी इंडिया की ओर से खेल चुका है। सुमित ने दिव्यांग खिलाड़ियों व बच्चों को हमेशा प्रोत्साहित किया। सुमित की उपलब्धियों को देखते हुए विकलांग जन विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे ने उसको सम्मानित भी किया था।
बीएड कर चुके सुमित ने केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा आयोजित परीक्षा व साक्षात्कार पास किया है। सुमित का चयन अंग्रेजी शिक्षक के रूप में हुआ है। केंद्रीय विद्यालयों द्वारा फौजियों के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाता नजर आएगा। सुमित के अनुसार कुछ भी नामुमकिन नहीं है। यही सोच वह रखता है।