फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पॉपुलर की खेती जिले में हो रही ‘पॉपुलर’

विज्ञापन
बिजनौर में एक खेत में खड़े पॉपुलर। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
पॉपुलर की खेती में जिला हो रहा पॉपुलर
विज्ञापन

बिजनौर। पॉपुलर की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा बन गई है। किसानों को पॉपुलर के पेड़ बेचकर मोटी कमाई हो रही है। पिछले छह महीने में पॉपुलर के दाम दोगुने से भी अधिक हो गए हैं। गन्ने की फसल के लटके भुगतान को देखकर पिछले साल काफी किसानों ने पॉपुलर की ओर रुख किया था। इस बार भी इनकी संख्या बढ़ना तय माना जा रहा है।
गन्ने की खेती में पिछले साल किसानों ने उत्पादन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। जिले में दस करोड़ क्विंटल से भी अधिक उत्पादन हुआ था, लेकिन बंपर उत्पादन अपने साथ कई मुसीबत भी लेकर आया। किसानों को गन्ने की पर्ची नहीं मिलीं। बंपर उत्पादन से चीनी के दाम धड़ाम हो गए और किसानों को पिछले साल के गन्ने का भुगतान इस साल मार्च में मिला है। पिछले साल बारिश ज्यादा होने
विज्ञापन

से इस साल गन्ने की पैदावार भी कम है। भुगतान की समस्या का सामना इस साल भी करना पड़ रहा है। जिले के किसानों ने गन्ने के विकल्प तलाशने शुरू किए। किसानों ने बागवानी के अलावा इस साल पॉपुलर की खेती को अपनाया है। कुछ साल पहले हाशिये पर पहुंची पॉपुलर की खेती किसान फिर से अपना रहे हैं। पॉपुलर की कीमतें भी किसानों को निराश नहीं कर रही हैं। इस समय पॉपुलर के दाम करीब 600 से 700 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं। यह कीमत पिछले छह महीने में दोगुनी हुई है। छह महीने पहले पॉपुलर की लकड़ी के दाम 350 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। पॉपुलर की खेती करने पर खेत पांच साल में खाली होता है, लेकिन इसमें लगने वाली लागत न के बराबर है, जबकि आमदनी गन्ने से करीब करीब दोगुनी है। गांव सिकंदरी के प्रवीण सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रदीप चौधरी, शाहपुर लाल के अरविंद कुमार, रूपेंद्र सिंह, परगट सिंह आदि ने पॉपुलर की खेती शुरू की है। आसपास के गांवों में भी किसान पॉपुलर की खेती कर रहे हैं। गांव गड़ाना व आसपास के गांवों के किसानों ने पॉपुलर की खेती को पूरी तरह अपनाना शुरू कर दिया है।
ये है तरीका
पॉपुलर की खेती में पेड़ के लाइन की दूरी 20 फीट तथा एक लाइन में पेड़ों की दूरी छह फीट तक रहती है। एक बीघा जमीन में 90 से 100 पेड़ तक लगाए जा सकते हैं। इन पेड़ों के बीच में आराम से दूसरी फसल बोई जा सकती हैं। किसी किसी भी सीजन में कोई भी फसल बो सकता है।
ये है लाभ का गणित
एक बीघा जमीन में पॉपुलर के 100 पेड़ तक लगाए जा सकते हैं। एक पेड़ पांच साल में तैयार होता है। एक पेड़ में तीन से चार क्विंटल तक वजन निकलता है। यानि पांच साल बाद एक खेत में करीब 300 क्विंटल लकड़ी निकलेगी। पॉपुलर की लकड़ी 700 रुपये प्रति क्विंटल बिकती है। यानि आज के समय में 300 क्विंटल लकड़ी करीब सवा दो लाख रुपये तक की बिकेगी। बाकी फसलों से आमदनी अलग होगी, जबकि पांच साल में एक बीघा जमीन में करीब 300 क्विंटल ही गन्ना निकलेगा। इसकी कीमत करीब एक लाख रुपये होगी। जबकि इसमें लागत काफी आएगी।
32 रुपये की एक पौध
पॉपुलर की पौध खेत में लगाई जाती हैं। एक पौध की कीमत 32 रुपये तक होती है। अगर किसान पौध तैयार करने वाली कंपनी से एडवांस बुकिंग कराता है तो एक पौध की कीमत कम लगती है।
विज्ञापन

एक लाख पौध बना रहे
पॉपुलर की पौध बनाने वाली फर्म विमको के मैनेजर डीपी सिंह के अनुसार पिछले सीजन में पॉपुलर की 50 हजार पौध बनाईं थी, सभी बिक गईं। बाद में भी किसान आते रहे। इस साल के लिए एक लाख पौध बनाई जा रही हैं। पॉपुलर बोने वाले किसान इस साल फायदे में हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें