फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज में मर्ज होगा जिला अस्पताल

विज्ञापन
बिजनौर जिला अस्पताल। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में मर्ज होगा जिला अस्पताल
विज्ञापन

अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। साल के अंत तक मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कर इसे शुरू करने की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में जिला अस्पताल का पूरा स्टाफ चल अचल संपत्ति के साथ मेडिकल कॉलेज में मर्ज करने की भी शुरूआत हो गई है। शासन ने इसी सप्ताह मेडिकल कॉलेज के तीसरे चरण में जिला अस्पताल की चल-अचल संपत्ति की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों से मांगी है।
जिले में लोगों को उपचार न मिलने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मरीजों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज मेरठ जाना पड़ता है। जिले में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद जिले के लोगों को उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज का काम तेजी से किया जा रहा है। इसी बीच शासन की ओर से एक पत्र आया है, जिसमें केंद्र सहायतित योजना के तहत स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध किए जाने वाले जिला अस्पताल/रेफरल अस्पताल की चल-अचल संपत्ति चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में हस्तांतरित होगी। जिसके चलते जिला अस्पताल में तैनात नियमित और संविदा डॉक्टर, फार्मेसिस्ट, स्टॉफ नर्स, फर्नीचर, उपकरण आदि का विवरण एक सप्ताह के अंदर शासन को देना होगा। उधर, डीएम उमेश मिश्रा को भी पत्र जारी कर शासन ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बिजनौर से संबंध किए जाने वाले जिला अस्पताल/रेफरल अस्पताल अस्पताल की भूमि से संबंधित अभिलेख, खसरा-खतौनी की प्रति अपनी आख्या सहित एक सप्ताह में शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
विज्ञापन

महात्माविदुर के नाम पर रखा गया नाम
पिछले साल एक सभा को संबोधित करने आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज का नाम महात्मा विदुर के नाम पर रखने की घोषणा की थी। स्वाहेड़ी के पास जहां एकेडमिक सेक्शन बनाया जा रहा है। वहीं, इलाज की सुविधा जिला अस्पताल परिसर में ही की जा रही है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की चल-अचल संपत्ति जब चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित हो जाएगी। तो जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का सीएमएस एक ही होगा। इनमें से एक को मेडिकल कॉलेज का प्रधानाचार्य बनाया जाएगा। साल 2022 के अंत तक मेडिकल कॉलेज का काम पूरा करने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन

शासन से मांगा गया है ब्योरा : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल मेडिकल हेल्थ के अंतर्गत आता था, लेकिन अब इसका हस्तांतरण चिकित्सा शिक्षा विभाग में किया जा रहा है। शासन की ओर से एक सप्ताह के अंदर जिला अस्पताल की चल-अचल संपत्ति की जानकारी देने को कहा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें