जिले को यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 18 सेक्टर में बांटा
बिजनौर। जिले को यूपी बोर्ड परीक्षा में अट्ठारह सेक्टरों में बांटा गया है। परीक्षा को कराने के लिए 300 से अधिक अधिकारी तैनात रहेंगे। बारह संवेदनशील परीक्षा केंद्र है। इन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरे समय परीक्षा पर निगाह रखेंगे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रस्तावित हैं। प्रेक्टिकल परीक्षा हो चुकी हैं।
प्रशासन ने पूरा ध्यान नकलविहीन परीक्षा कराने पर केंद्रित कर दिया है। इसी क्रम में डीएम रमाकांत पांडेय ने डीआईओएस राजेश कुमार से व्यवस्था पर बिंदुवार समीक्षा करके फाइनल स्वीकृति दे दी है। डीआईओएस ने बताया कि केंद्रों की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा व्यवस्था टाइट रहेगी। सभी केंद्र हाइटेक है। जिनका लाइव प्रसारण जिला व राज्य कंट्रोल रूम से देखा जा सकेगा।
डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत कुमार के अनुसार जिले में 122 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 112 केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक होंगे। छह केंद्र बालिका स्वकेंद्र नहीं हैं। जिला मुख्यालय के जीआईसी, आरजेपी, तथा बीआईसी केंद्र शामिल हैं। जिले को 18 सेक्टर में बांटकर जिला स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया है। बताया कि 12 परीक्षा केंद्र संवेदनशील हैं। ये विद्यालय पहली बार परीक्षा केन्द्र बने हैं। संवेदनशील केंद्रों पर स्टेटक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। जो परीक्षा के शुरू होने से लेकर खत्म होने तक आंतरिक व्यवस्था पर निगाह रखेंगे। हर तहसील के एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है। जो अपने तहसील क्षेत्र में आने वाले परीक्षा केंद्रों की निगरानी रखेगा। सात सचल दस्ते हैं। हर दस्ते का एक प्रभारी है। दस्ते में दो पुरुष ,दो महिला शिक्षकों के साथ दो पुलिसकर्मी रहेंगे। सचल दल परीक्षा शुरू होने से पहले डीआईओएस दफ्तर से रवाना होंगे। बताया कि परीक्षा में 304 अधिकारी लगाए गए हैं। सभी अधिकारी सीधे डीएम तथा शासन के संपर्क में रहेंगे। डीएम रोजाना परीक्षा की समीक्षा करेंगे।
डीएवी नहीं बना परीक्षा केंद्र
जिला मुख्यालय स्थित डीएवी इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। डीआईओएस दफ्तर के अनुसार वहां प्रबंध समिति तथा प्रधानाचार्य के बीच विवाद चल रहा है। वहां के छात्र दूसरे विद्मालयों में परीक्षा देंगे। मुख्यालय पर जीआईसी, जीजीआईसी, आरजेपी, बीआईसी परीक्षा केंद्र हैं।
ए तथा बी उत्तर पुस्तिकाओं पर होंगे क्रमांक
बोर्ड ने इस बार पूरी तरह सख्ती बरती है। छात्रों को दी जाने वाली हर ए तथा बी कापी का अलग अलग क्रमांक होगा। कक्ष निरीक्षक छात्र के नाम के सामने कापी का क्रमांक अंकित करेगा। छात्रों को कापियों का वितरण बढ़ते क्रमांक में होगा। वितरण पुस्तिका पर छात्र हस्ताक्षर करेगा। इससे परीक्षा केंद्रों पर होने वाली छात्रों की कथित अदला बदली रुकेगी। परीक्षा केंद्रों को कापियों का वितरण अगले सप्ताह शुरू होगा। परीक्षा केंद्रों को कापियां विद्यालयों के बढ़ते कोड नंबर व कापियों के बढ़ते क्रमांक में होगा।