हरकत में आया शिक्षा विभाग, बच्चों को बांटे स्वेटर
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों के बच्चों के स्वेटर वितरण बेसिक शिक्षा विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है। फजीहत होने पर बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आया तथा नगर क्षेत्र के बच्चों को सोमवार को अभियान चला कर स्वेटर वितरित कराए गए, लेकिन स्वेटर उपलब्ध कराने वाली संस्था स्वेटर की गुणवत्ता और उपलब्धता को लेकर संदेह के घेरे में है। शिक्षक संगठनों ने फर्म की जांच कराने की मांग की है।
नगर क्षेत्र के दो दर्जन स्कूलों में करीब 1250 छात्र पंजीकृत है। पर एक महीना पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने पुलिस लाइन व मोहल्ला भाटन को दो स्कूलों में मात्र 100 स्वेटर वितरित किए थे। मामला प्रकाश में आने के बाद अब सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आया तथा नगर क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में स्वेटर भेज कर बांटे गए, पर अभी भी स्वेटर वितरण में स्वेटर के साइज से शिक्षक खुश नहीं हैं। कक्षा छह, सात व आठ के बच्चों के लिए बडे़ साइज के स्वेटर बेसिक शिक्षा विभाग के पास उपलब्ध नहीं हैं, जबकि 26, 28 व 30 नंबर के स्वेटर की जिले में भरमार है। वहीं कक्षा छह, सात व आठ के अधिकांश छात्र छात्राओं को 34, 36 व 38 नंबर के स्वेटर उपलब्ध नहीं होने से छात्र स्वेटर से वंचित है। स्वेटर वितरण को लेकर विभाग लीपापोती करने में जुटा है। सोमवार को नगर क्षेत्र के चाहशीरी, मिर्दगान, जाटान के कई स्कूलों में स्वेटर बांटे गए। सुबह से ही शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने नगर क्षेत्र के स्कूलों में स्वेटर भेजने शुरू कर दिए थे।
देवमल में साढ़े चार हजार छात्र हैं स्वेटर से वंचित
नगर क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वेटर वितरण की स्थिति बहुत खराब है। विकास क्षेत्र मोहम्मदपुर देवमल में करीब 4500 छात्र छात्राएं स्वेटर वितरण से वंचित हैं। इनमें अधिकांश छात्र कक्षा छह, सात व आठ के बताए जाते हैं। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राहुल राठी ने बीएसए से ब्लॉक के सभी बच्चों को स्वेटर उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 2388 छात्र-छात्राओं को अभी तक स्वेटर नहीं मिले हैं। इसके लिए ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी से भी मांग की गई थी। दूसरी ओर, खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि जिन छात्रों को स्वेटर नहीं मिले हैं संकुल प्रभारियों के माध्यम से उनकी सूचना मांगी गई है। सभी छात्रों को जल्द ही स्वेटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
फर्म की भी हो जांच
शिक्षकों ने स्वेटर वितरण करने वाली फर्म की भी जांच की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि बीआरसी पर 26, 28 व 30 नंबर तक के स्वेटर तो हैं पर इससे बडे़ साइज के स्वेटर नहीं हैं। बताया जाता है कि कम नंबर के स्वेटर सस्ते दाम पर आसानी से मिल गए हैं, जबकि बडे़ साइज के स्वेटर महंगे होने पर फर्म ने उनकी खरीदारी कम की है। स्वेटर उपलब्ध कराने को लेकर टेंडर करीब 162 पर छूटा था। इसमें सभी साइज के स्वेटर उपलब्ध कराए जाने थे। पर इस बार आए स्वेटर की गुणवत्ता पर भी सवाल खडे़ हो रहे हैं। शिक्षक स्वेटर की गुणवत्ता भी दोयम दर्जा के बता रहे हैं। शिक्षक नेता धर्मेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह ने स्वेटर की गुणवत्ता की भी जांच करने की मांग की है।