बिजनौर। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय धीरे-धीरे नए आयाम गढ़ रहा है। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, चांदपुर के बीच एमओयू साइन हुआ है। इससे डिजिटल हेल्थ, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग को बढ़ावा मिलेगा। जिसका लाभ मरीजों को होगा।
मेडिकल कॉलेज और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के मध्य बृहस्पतिवार को एमओयू साइन हुए। शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इस समझौते के तहत दोनों संस्थानों के बीच चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग शिक्षा, संयुक्त शोध गतिविधियों, व्याख्यान, संगोष्ठियों, विद्यार्थी एवं शोधार्थी आदान-प्रदान, डाटा एवं शैक्षणिक संसाधनों के साझा उपयोग होगा। इसके अलावा प्रशिक्षण, परामर्श एवं नवाचार आधारित गतिविधियों में सहयोग किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज प्राचार्या डॉ. उर्मिला कार्या ने बताया कि इस सहयोग से शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। एमओयू साइन के दौरान प्राचार्या डॉ. उर्मिला कार्या, डॉ. सुनील मलिक, इंजीनियरिंग कॉलेज के डायरेक्टर प्रोफेसर निलेंद्र बादल, रजिस्ट्रार नरेश कुमार मौजूद रहे।
तकनीकी विशेषज्ञता से मेडिकल कॉलेज में शोध को मिलेगा बढ़ावा
इंजीनियरिंग कॉलेज की तकनीकी विशेषज्ञता और मेडिकल कॉलेज के क्लीनिकल अनुभव के समन्वय से शोध को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल हेल्थ, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, मेडिकल डिवाइस डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्वास्थ्य समाधान, डेटा विश्लेषण, हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम, टेलीमेडिसिन, पब्लिक हेल्थ टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों को गति मिलेगी।
विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता में होगी बढ़ोतरी
इस एमओयू से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, रीयल-लाइफ प्रोजेक्ट्स, फील्ड एवं रिसर्च एक्सपोजर प्राप्त होगा। इससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार क्षमता एवं भविष्य की रोजगार संभावनाओं में वृद्धि होगी। साथ ही संयुक्त कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं शैक्षणिक संवादों के माध्यम से शिक्षक और शोधकर्ता अपने मार्ग अपने अनुभव साझा कर सकेंगे।
मेडिकल कॉलेज में शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार बढ़ाने के लिए राजकीय इंजीनियरिंग के साथ एमओयू साइन किया गया है। शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इस समझौते से विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर होगा। - डॉ. उर्मिला कार्या, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर