बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध का कटान करती गंगा। संवाद
बेगावाला। गंगा में पानी तो कम हुआ लेकिन कटान का खतरा अभी भी टला नहीं है। गंगा अब रावली की ओर करीब 200 मीटर तटबंध में कटान कर रही है। 15 दिन पहले हुए कटान को तो किसी तरह से रोका गया, लेकिन पिछले एक सप्ताह से गंगा ने रावली की तरफ तटबंध पर नई जगह कटान शुरू कर दिया।
सिंचाई विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग रात-दिन काम करके तटबंध को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। तटबंध को बचाने के लिए बल्ला स्टड, पॉर्कयुपाइन, बोल्डर और मिट्टी के कट्टे व लोहे के तार का पिंजरा बनाकर उसमें पत्थर भरकर लगाए जा रहे हैं।
भारी मशीनों के साथ सैकड़ों मजदूर काम में लगे हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अधिकारी बृजेश मौर्य ने बताया कि जहां पहले कटान हुआ था, वहां की स्थिति फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन अब अपस्ट्रीम में लगभग 100 मीटर बाद गंगा का बहाव सीधा तटबंध की ओर आ रहा है। इससे नई जगह कटान हो रहा है। कटान की गहराई अधिक होने के कारण बेकेट में बोल्डर और मिट्टी भरकर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक करीब 150 से 200 मीटर तटबंध प्रभावित हुआ है, लेकिन कटान धीरे-धीरे एक किलोमीटर तक पहुंच गया है। जब तक पानी का स्तर घटता रहेगा, कटान की चुनौती बनी रहेगी। विभाग का लक्ष्य तटबंध को मजबूत स्थिति में लाना है और इसके लिए लगातार प्रयास जारी है।