फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संगीत की दुनिया में छाने को बेताब

Mon, 18 Apr 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
विज्ञापन
कृष्ण कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बिजनौर में  संगीत की दुनिया में छाने की तैयारी में जुटे शिक्षक कृष्ण कुमार ने 225 गीत लिखकर जिले का नाम रोशन किया है। उनके गीतों में भारतीय संस्कृति, सामाजिक मुद्दों को छूने तथा हास्य का इनपुट अधिक है। 80 गीत कापीराइट हो गए हैं। अधिकांश गीतों की धुन भी स्वयं ही तैयार की है। साथ ही तबला, हारमोनियम, गिटार, ढोलक बजाने में भी हैं पारंगत। 
विज्ञापन

गांव मौजीपुर के 40 वर्षीय शिक्षक कृष्ण कुमार गांव गौसपुर टोपरी के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। शिक्षक कृष्ण कुमार को बचपन से ही संगीत का शौक रहा है। सात-आठ वर्ष की आयु से गांव में होली पर होली गायन व दशहरे पर रामलीला में काम करने से उनका रुझान संगीत की ओर बढ़ा। शिक्षक के पेशे के साथ उन्होंने संगीत पर काम करना शुरू किया। 
शुरू में लोकगीतों के लिए शिक्षकों के बीच चर्चा में रहे, पर अब ग्रामीण व शहरी परिवेश पर आधारित मिले जुले गीत लिख कर तथा उनकी धुन स्वयं तैयार कर काफी नाम कमा रहे हैं। शिक्षक कृष्ण कुमार का दावा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उनके 80 गीत कापीराइट हो गए हैं और अब तक कुल 225 गीत लिख चुके हैं। उन्होंने गीतों के कई वीडियो भी शूट किए हैं। 
विज्ञापन

नगर के जाने माने संगीतकार अश्वनी कुमार भटनागर व जितेंद्र कुमार भी शिक्षक कृष्ण कुमार के गीतों की सराहना करते हैं। वर्तमान में उनके द्वारा स्वच्छता मिशन पर लिखे गीत- ये चलन पुराना बदलेंगे हम बदलेंगे, स्वच्छता की अलख जगा कर ही दम लेंगे हम। बच्चों के लिए हास्य पर लिखे गीत फूफा जी की गाड़ी है,  मेरे फूफा जी की गाड़ी है, को काफी सराहा गया है। उनकी तमन्ना हर हाल में कामयाबी की सीढ़ी पर चढ़ना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें