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बिजनौर से भी निकले ‘मिल्खा’ इस उम्मीद से दौड़ रहे देशराज

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क्रीडा अधिकारी जयवीर सिंह। - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर से भी निकले ‘मिल्खा’ इस उम्मीद से दौड़ रहे देशराज
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बिजनौर। एथलीट में युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने देशराज सिंह 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और इस उम्मीद से दौड़ रहे कि जिले से भी कोई मिल्खा जरूर निकलेगा। देशराज सिंह अब तक 20 से अधिक दौड़ में मेडल जीत चुके हैं। युवाओं में दौड़ की अलख जगाने के लिए तीसरी मैराथन कराने की तैयारी में जुटे हैं।
आवास विकास कॉलोनी निवासी देशराज सिंह करीब 6 वर्ष पूर्व स्टेट बैंक से प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें स्टेडियम की धरती से लगाव हो गया। स्टेडियम से उनका लगाव जुनून में बदल गया। 60 वर्ष की अधिक आयु वाली प्रतियोगिताओं में उन्होंने हिस्सा लेना शुरू किया। उनका हौसला इतना बुलंद हुआ कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दौड़ में अब तक कई पदक अपने नाम कर चुके हैं।
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स्टेडियम में आने वाले युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक उनके कायल हो चुके हैं। देशराज सिंह बताते हैं कि उन्होंने वर्ल्ड मैराथन में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 26वीं वर्चुअल मैराथन में भी प्रतिभाग किया। 26 जनवरी 2021 को भी बिजनौर में आयोजित मैराथन का दौड़ का हिस्सा बन चुके हैं। 60 वर्ष की अधिक आयु वाली प्रतियोगिताओं में अब तक वह 20 से भी अधिक मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।
देशराज सिंह बताते हैं कि उनकी इच्छा है कि जिले से भी कोई मिल्खा जैसा धावक तैयार हो। इस उम्मीद के साथ वह सुबह-शाम स्टेडियम जाना नहीं भूलते। सुबह को करीब डेढ़ घंटा तथा शाम को प्रतिदिन एक घंटा इस स्टेडियम में प्रतिदिन दौड़ लगाते हैं। कई युवा भी उनके साथ दौड़ का हिस्सा बनते हैं। देशराज सिंह बताते हैं कि वह चाहते हैं कि नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर जिले के युवा दौड़ में जिले का नाम रोशन करें। इस उम्मीद के साथ वह युवाओं को प्रेरित करते रहते हैं।
जिले में फिर होगी मैराथन दौड़
पिछले 2 वर्षों में दो बार उनके सहयोग से जिले में मैराथन दौड़ हो चुकी है। एक वर्ष पूर्व सीनियर सिटीजन-डे पर भी उन्होंने मैराथन दौड़ कराई थी। अब युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से देशराज सिंह जिले में तीसरी मैराथन दौड़ कराने की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं को प्रेरित करने के लिए मैराथन दौड़ के लिए उन्होंने कारगिल विजय दिवस को चुना है। इसके लिए अभी से तैयारी करनी शुरू की गई है, ताकि युवाओं को प्रेरित कर आगे बढ़ाया जा सके।
युवा खिलाड़ी भी ले रहे प्ररेणा : जिला क्रीडाधिकारी
जिला क्रीडाधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि 65 वर्षीय देशराज स्टेडियम में रोजाना दौड़ लगाते हैं। उन्हें देख युवा खिलाड़ी भी प्रेरणा ले रहे हैं। देशराज ने कई प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभाग किया है। उनके जज्बे को देख युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। आगे बढ़ने के लिए कभी उम्र मायने नहीं रखती है।
बढ़ता है मनोबल
लंबी रेस की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके छात्र रोहित कुमार का कहना है कि देशराज सिंह को 65 वर्ष की आयु में दौड़ता देख उनका भी मनोबल बढ़ता है। उन्होंने बताया कि देशराज सिंह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। जिले में कई युवा ने उनसे दौड़ने के टिप्स लिए हैं।
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हर वर्ष कराते हैं दौड़ प्रतियोगिता
युवा धावक विंकल कुमार का कहना है कि सीनियर खिलाड़ियों के संपर्क में रहने से कई चीजें सीखने को मिलती है। आज के दौर में प्रतियोगिताएं कराना कठिन काम है, पर देशराज सिंह प्रतिवर्ष युवा पीढ़ी के लिए दौड़ प्रतियोगिता करा कर युवाओं का मनोबल बढ़ाए रहते हैं।

धावक विंकल कुमार- फोटो : BIJNOR

धावक रोहित कुमार- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में आपने प्रमाण पत्र के साथ देशराज सिंह- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में युवाओं के साथ दौड़ते 65 वर्ष के देशराज सिंह- फोटो : BIJNOR

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