संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बदलती जीवनशैली के साथ आ रहा तनाव लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। मनोचिकित्सकों के पास रोजाना लगने वाली मरीजों की लंबी लाइन इसका प्रमाण है। अस्पताल में डिप्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मेडिकल अस्पताल में हर महीने लगभग 2800 मानसिक रोगी चिकित्सकों से परामर्श ले रहे हैं। ये मरीज अलग-अलग बीमारियों के हाेते हैं। डिप्रेशन की समस्या इनमें गंभीर बीमारी के रूप में सामने आ रही है। रोजाना लगभग 20 मरीज डिप्रेशन के मेडिकल अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इनकी मानसिक स्थिति के हिसाब से दवाइयां, काउंसलिंग और अन्य तरीकों से उपचार कर रहे हैं।
डिप्रेशन से उबरने में परिवार की अहम भूमिका : चिकित्सक बताते हैं कि परिवार और आसपास के लोगों की भूमिका डिप्रेशन की समस्या के समाधान का अहम हिस्सा है। कुछ लोग जहां इससे बहुत जल्दी बाहर आ जाते हैं तो कुछ खुद को कमजोर समझकर इसमें घिरते चले जाते हैं। आसपास के लोगों से सकारात्मक ऊर्जा और विचार मिलने से मरीज इस समस्या पर जीत आसानी से प्राप्त कर लेते हैं।